Arvind Kejriwal On Ram Mandir: आम आदमी पार्टी के संस्थापक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वह 22 नवंबर के बाद सपरिवार अयोध्या जाएंगे। केजरीवाल ने ये भी बताया कि उन्हें अब तक राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए कोई निमंत्रण नहीं मिला है। केजरीवाल ने बोला कि निमंत्रण से कोई फर्क नहीं पड़ता, मैं अयोध्या जाऊंगा।
केजरीवाल को नहीं मिला प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण।
रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा पर पहली बार बोले केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पहली बार अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में जाने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि 'मुझे 22 तारीख को अपना कार्यक्रम खाली रखने के लिए कहा गया था, लेकिन उसके बाद अभी तक कोई निमंत्रण नहीं आया।'
पूरे परिवार के साथ अयोध्या जाना चाहते हैं सीएम
अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि 'उस पत्र में लिखा था कि सुरक्षा और VIP मूवमेंट की दृष्टि से केवल एक व्यक्ति को आना है। मैं अयोध्या अपने पूरे परिवार को लेकर जाना चाहता हूं, मेरे माता-पिता को अयोध्या जाने का बहुत चाव है। लेकिन निमंत्रण से कोई फर्क नहीं पड़ता, मैं अयोध्या जाऊंगा। मैं अयोध्या 22 के बाद में चला जाऊंगा।'
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आबकारी मामले में ईडी के समन पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कानून के तहत जो भी जरूरी होगा हम करेंगे। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि वह मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद भगवान राम की पूजा करने के लिए अयोध्या जाएंगे।
मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद जाएंगे पवार
शरद पवार ने ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ न्यास के महासचिव चंपत राय को लिखे एक पत्र में कहा कि वह 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए मिले निमंत्रण को लेकर आभारी हैं, लेकिन वह उस दिन इसमें शामिल नहीं हो सकेंगे। उन्होंने कहा, 'मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम, आस्था और भक्ति के प्रतीक हैं। बड़ी संख्या में रामभक्त समारोह में शामिल होंगे और उनके जरिये आनंद मुझ तक भी पहुंचेगा। 22 जनवरी के बाद रामलला के दर्शन सुगम हो जाएंगे। मैं अयोध्या जाने की योजना बना रहा हूं और रामलला की पूजा भी करूंगा। उस समय तक मंदिर निर्माण भी पूरा हो जाएगा।'
अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समोराह से दूर बनाने को लेकर कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के अन्य घटक दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निशाने पर आ गये हैं। पवार का राकांपा गुट इस गठबंधन का सदस्य है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि अयोध्या में 22 जनवरी के 'प्राण प्रतिष्ठा' कार्यक्रम को 'राजनीतिक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं आरएसएस का कार्यक्रम' बना दिया गया है।
