भारत में पिछले एक साल के दौरान हुई कई एविएशन घटनाओं ने विमानन सुरक्षा पर नई बहस छेड़ दी है। इसी बीच Times Now Summit 2026 में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने DGCA की क्षमताओं, स्टाफिंग और भविष्य की दिशा सहित कई अहम मुद्दों पर बात की और सरकार की तैयारियों के बारे में बताया।
एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू।
DGCA में स्टाफिंग गैप खत्म करने की तैयारी
टाइम्स नाउ समिट में राम मोहन नायडू ने माना कि DGCA में बीते कई सालों से मैनपावर की कमी एक लगातार चुनौती रही है,लेकिन पिछले एक साल में इस दिशा में सरकार ने रिकॉर्ड प्रोग्रेस की है। नायडू ने बताया कि पिछले एक वर्ष में 200 से अधिक विशेषज्ञों की भर्ती की गई है या भर्ती प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में DGCA में किसी भी तरह की वैकेंसी न रहे।
प्राइवेट सेक्टर की तुलना में सरकारी वेतन पर भी बोले
इस दौरान नायडू ने कहा कि एविएशन सेक्टर में कुशल पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है,लेकिन DGCA जैसी सरकारी संस्था में वेतन संरचना निजी क्षेत्र के मुकाबले काफी कम है। नायडू ने इसे बड़ी समस्या मानते हुए कहा कि बाजार में निजी क्षेत्र जो ऑफर कर रहा है,कहीं न कहीं उससे मेल बिठाना जरूरी है। सरकार इस अंतर को कम करने के लिए वेतनमान और प्रोत्साहन संरचना में बदलाव पर विचार कर रही है,ताकि बेहतर प्रतिभाएं DGCA से जुड़ सकें।DGCA को मजबूत करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता
मंत्री ने DGCA को भारतीय विमानन सुरक्षा का सबसे अहम स्तंभ बताते हुए कहा कि यह संस्था देश की सुरक्षा और सेफ्टी रेगुलेशन का केंद्र है। उन्होंने कहा कि सरकार वर्तमान में टैलेंट गैप का आकलन कर रही है, भर्ती प्रक्रिया को गति दे रही है और नीतिगत बदलावों पर विचार कर रही है,ताकि DGCA को पूरी तरह संसाधनयुक्त और अधिक सक्षम नियामक बनाया जा सके।
