असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि मियां और मुसलमानों के चलते सूबे के इलाकों में सब्जी महंगी हुई है। यही वजह है कि वह गुवाहाटी में उन्हें तरकारी और मसाले नहीं बेचने देंगे। हालांकि, सीएम के इस बयान के फौरन बाद सियासी घमासान भी चालू हो गया। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के चीफ बदरुद्दीन अजमल ने कहा है कि उनके मुंह से इस तरह की बयानबाजी अच्छी नहीं लगती है। अगर राज्य में हालात बिगड़ते हैं, तब उसके लिए सीएम ही जिम्मेदार ठहराए जाएंगे।
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)
धुबरी से सांसद और एआईयूडीएफ प्रमुख ने शुक्रवार (14 जुलाई, 2023) को समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "सीएम सरमा ने कहा कि मियां-मुसलमानों को गुवाहाटी में सब्जियां और 'मसाला' नहीं बेचने दिया जाएगा। वह (मुख्यमंत्री) राज्य के मुखिया हैं और उनके मुंह से इस तरह के शब्द शोभा नहीं देते हैं। उन्हें ऐसा नहीं कहना चाहिए था। मुझे यह चीज पसंद नहीं आई।"
वह आगे बोले- यह सब कर के सीएम मुसलमानों और असम के लोगों के बीच विभाजन कर रहे हैं। अगर इस सबके बाद कोई घटना होती है, तब राज्य सरकार और सीएम सरमा उसके लिए जिम्मेदार होंगे।
वैसे, सूबे में मियां लंबे समय से सियासी विवाद की वजह रहे हैं। सीएम के इस बयान से पहले अजमल ने कहा था कि असम ऐसा सूबा है जो मियां के बगैर अधूरा है। हालांकि, सरमा ने उनकी इस टिप्पणी से इन्कार किया था और कहा था कि ऐसा कहना असम के समुदाय का अपमान करने जैसा है। सीएम बोले थे कि मियां लोग बस और कैब (टैक्सी) चलाते हैं।
