महाराष्ट्र के वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने विश्वास जताया है कि नवेगांव नागजीरा परियोजना में बाघों की संख्या बढ़ने से यहां के पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा, उन्होंने यह भी कहा कि इससे बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 15 सितंबर 2022 को पांच बाघों को ब्रम्हपुरी वन परिक्षेत्र से स्थानांतरित करने की मंजूरी दी थी, रिपोर्ट के बाद यह प्रयोग हकीकत बन गया।
वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि इस साल चंद्रपुर जिले में अब तक बाघों के हमले में आठ लोग, जबकि तेंदुओं के हमले में दो लोग मारे जा चुके हैं। चंद्रपुर में मानव-पशु संघर्ष की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर वरिष्ठ वन अधिकारियों ने कुछ बाघों को चंद्रपुर से एनएनटीआर में स्थानांतरित करने की अनुमति के लिए नागपुर में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के कार्यालय को एक प्रस्ताव भेजा था। वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इसके बाद, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) ने ऐसे बाघों और बाघिनों को एनएनटीआर में स्थानांतरित करने की मंजूरी दे दी है, जो कोई परेशानी नहीं खड़ी करते हैं।
नवेगांव-नगजीरा बाघ परियोजना का कोर एरिया 653.67 वर्ग किलोमीटर है और कोर एरिया के आसपास का बफर एरिया 1242 वर्ग किलोमीटर है। इसमें 184 से अधिक गांव हैं। यह बाघ परियोजना राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों में विभाजित है। राज्य में इस प्रथम प्रयोग को सफल होने के लिए वन विकास निगम एवं क्षेत्रीय वन विभाग के नियंत्रणाधीन बफर क्षेत्र में वन्यजीव प्रबंधन को सुदृढ़ करना होगा।
