General Manoj Pande: सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने रविवार को कहा कि भारतीय सेना सीमाओं पर पूरी तरह मुस्तैद है और हर कीमत पर देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए तैयार है। चीन के साथ पूर्वी लद्दाख में तीन साल से जारी गतिरोध के बीच सेना प्रमुख का यह बयान आया है। सेना दिवस की पूर्व संध्या पर जनरल पांडे ने कहा कि बल सुरक्षा की दृष्टि से किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए अटूट संकल्प के साथ पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
जनरल मनोज पांडे
हर जवान पूरी तरह से प्रतिबद्ध
उन्होंने कहा कि सेना का मौलिक चरित्र, मूल लोकाचार और पेशेवर दृष्टिकोण इसे नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में सक्षम बनाएगा। जनरल मनोज पांडे ने कहा कि सेना का हर जवान सुरक्षा की दृष्टि से राष्ट्र के लिए किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए एक अटूट संकल्प के साथ पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। ऑल इंडिया रेडियो पर प्रसारित एक संदेश में पाकिस्तान का नाम लिए बिना जनरल पांडे ने कहा कि सेना अन्य सुरक्षा बलों के साथ मिलकर पेशेवर दृष्टिकोण के साथ जम्मू-कश्मीर में छद्म युद्ध से निपट रही है।
जनरल पांडे ने कहा कि भारतीय सेना 2024 को 'प्रौद्योगिकी अवशोषण वर्ष' (Year of Technology Absorption) के रूप में मनाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता एक पवित्र जिम्मेदारी है। सेना प्रमुख ने कहा कि दिग्गजों और वीर नारियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी एक पवित्र प्रतिबद्धता बनी हुई है। कल्याणकारी पहलों को बढ़ाने, सक्रिय रूप से उन तक पहुंचने और उनकी शिकायतों का समाधान करने के प्रयास जारी हैं।
फील्ड मार्शल केएम करियप्पा की याद में सेना दिवस
सेना प्रमुख ने सोमवार को लखनऊ में होने वाली सेना दिवस परेड से पहले ये बातें कहीं। बता दें कि पहले भारतीय कमांडर इन चीफ थल सेना फील्ड मार्शल केएम करियप्पा की उपलब्धियों की याद में हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। फील्ड मार्शल करिअप्पा ने 15 जनवरी 1949 को अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल फ्रांसिस बुचर से भारतीय सेना की कमान संभाली।
