Cockroach Janata Party Press Conference Delhi: नीट (NEET) पेपर लीक, सीबीएसई (CBSE) और सीयूईटी (CUET) जैसी बड़ी राष्ट्रीय परीक्षाओं में सामने आई धांधलियों के खिलाफ सोशल मीडिया से शुरू हुआ युवाओं का आंदोलन अब एक राष्ट्रव्यापी अभियान का रूप ले चुका है। बुधवार को नई दिल्ली के 'कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया' में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
'पूरा सिस्टम सड़ चुका है': कॉकरोच पार्टी की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की पूरी इनसाइड स्टोरी; जानें 6 जून का पूरा प्लान और 4 बड़ी मांगें
पार्टी ने स्पष्ट किया कि 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाला विरोध प्रदर्शन किसी एक परीक्षा के खिलाफ नहीं, बल्कि देश की पूरी सड़ी हुई शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने के लिए है।
CJP की मुख्य मांगें
-केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
-परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही
-गहरी समस्याओं का ठोस समाधान
-छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए सख्त कानून
सीबीएसई में अफसरों का तबादला महज एक 'छलावा'
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान CJP के प्रवक्ताओं ने सरकार द्वारा हाल ही में सीबीएसई (CBSE) में किए गए प्रशासनिक बदलावों और अधिकारियों के ट्रांसफर पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे महज एक 'छलावा' करार देते हुए कहा कि कुछ अधिकारियों को यहां से वहां भेज देने से सिस्टम की गहरी और बुनियादी बीमारियां ठीक नहीं होंगी।
पार्टी के नवनियुक्त मुख्य प्रवक्ता और खोजी पत्रकार सौरव दास ने कहा, 'हम व्यवस्था में जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। हम लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों के तबादलों को सरकार कार्रवाई के रूप में पेश कर रही है, जो कि बिल्कुल गलत है। असल बात यह है कि पूरा सिस्टम सड़ चुका है।'
मीडिया के सामने आई CJP की नई कोर टीम
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी ने अपने तीन नए और पढ़े-लिखे प्रवक्ताओं (Spokespersons) को देश के सामने पेश किया, जो इस आंदोलन को आगे ले जाएंगे:
सौरव दास: देश के जाने-माने खोजी पत्रकार (Chief Spokesperson)
विजेता दहिया: राजनीतिक शोधकर्ता और फिल्म निर्माता
आशुतोष रांका: पूर्व मैनेजमेंट कंसलटेंट
पार्टी प्रवक्ता विजेता दहिया ने युवाओं के इस गुस्से को रेखांकित करते हुए कहा कि जिस तरह से इस आंदोलन ने लोगों का ध्यान खींचा है, वह दिखाता है कि देश की पूरी एक नई पीढ़ी मौजूदा व्यवस्था से बेहद असंतुष्ट और परेशान है।
आम आदमी पार्टी (AAP) से कनेक्शन पर दी सफाई
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब CJP के राजनीतिक बैकग्राउंड और 'आम आदमी पार्टी' (AAP) के साथ कथित संबंधों को लेकर सवाल पूछा गया, तो पार्टी ने इसे सिरे से खारिज कर दिया।
प्रवक्ता आशुतोष रांका ने साफ शब्दों में कहा, 'हमारे पिछले जुड़ाव या अतीत क्या था, यह महत्वपूर्ण नहीं है। यह लड़ाई उन सब चीजों से बहुत बड़ी है। कॉकरोच जनता पार्टी किसी भी एक व्यक्ति या किसी एक संगठन से कहीं ज्यादा बड़ी है।ट उन्होंने साफ किया कि इस अभियान को किसी पार्टी के चश्मे से नहीं, बल्कि स्वतंत्र रूप से देखा जाना चाहिए।
'बिना किसी बैनर के कोई भी हमारे साथ आ सकता है'
CJP ने देश के सभी छात्रों, उनके माता-पिता और युवाओं को खुला आमंत्रण दिया है। सौरव दास ने कहा, 'हमने एक ओपन कॉल दी है। कोई भी व्यक्ति, चाहे उसकी राजनीतिक विचारधारा कुछ भी हो, बिना किसी राजनीतिक पार्टी के बैनर के हमारे इस आंदोलन से जुड़ सकता है। हम सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों से संवाद करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।'
6 जून का क्या है पूरा प्लान?
संस्थापक की वापसी: CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके 6 जून को ही अमेरिका से भारत लौट रहे हैं। वे एयरपोर्ट से सीधे पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के जरिए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की आधिकारिक अनुमति लेने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
सोनम वांगचुक का साथ: प्रवक्ताओं ने पुष्टि की कि देश के प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक भी इस प्रदर्शन में दिपके और छात्रों के साथ शामिल होंगे।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन: आशुतोष रांका ने भरोसा जताया कि पुलिस प्रदर्शन की अनुमति जरूर देगी क्योंकि जंतर-मंतर हमेशा से शांतिपूर्ण विरोध का गवाह रहा है। वहीं सौरव दास ने याद दिलाया कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करना संविधान द्वारा दिया गया हमारा मौलिक अधिकार है।
