Anti-paper leak Law: NEET और UGC-NET पेपर लीक (NEET Paper Leak) (UGC-NET Paper Leak) को लेकर देश में मचे बवाल के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। परीक्षा के दौरान गड़बड़ियां रोकने के लिए केंद्र सरकार ने 21 जून को पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट 2024 (Public Examinations Act, 2024) के प्रावधान लागू कर दिए हैं। इस संबंध में सरकार की ओर से अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। यह कानून पेपर लीक (Paper Leak) और गड़बड़ियां रोकने के लिए इसी साल फरवरी में पारित हुआ था। कानून के लागू होने के बाद सार्वजनिक परीक्षा में धांधली करने पर 10 साल की जेल और एक करोड़ रुपये जुर्माने तक का प्रावधान है।
बता दें, एंटी पेपर लीक कानून इसी साल अस्तित्व में आया था। इस विधेयक को 7 फरवरी, 2024 को लोकसभा में पेश किया था, जिसके बाद इसे पारित कर दिया गया था। पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट 2024 को हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी अपनी मंजूरी दे दी थी। इस कानून के पीछे सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों को रोकना है। दोषी पाए जाने पर कड़ी से कड़ी सजा का प्रावधान है।
कई बड़ी परीक्षाएं इसकी जद में
एंटी पेपर लीक कानून के तहत वे परीक्षाएं आती हैं, जो पब्लिक एग्जामिनेशन अथॉरिटी द्वारा आयोजित की जाती हैं। इनमें यूपीएससी (UPSC), एसएससी (SSC) एनईईटी (NEET), जेईई (JEE), सीयूईटी (CUET), इंडियन रेलवेज, बैंक के अलावा एनटीए के द्वारा आयोजित सभी कम्प्यूटर आधारित परीक्षाएं शामिल हैं।
कितना सख्त है कानून
- लोक परीक्षा विधेयक 2024 के तहत कड़ी सजा का प्रावधान है। अनुचित साधनों के लिए तीन से पांच साल की कैद और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
- यदि कोई व्यक्ति, समूह या व्यक्ति इस तरह का संगठित अपराध करते हैं जिसमें परीक्षा प्राधिकरण, सेवा प्रदाता या कोई अन्य संस्थान शामिल होत है, तो उन्हें न्यूनतम 1 करोड़ रुपये के जुर्माने के साथ 5 से 10 साल की कैद की सजा दी जा सकती है।
- कानून एजेंसियों को परीक्षा की लागत की आनुपातिक वसूली के लिए संगठित अपराध करने में शामिल संस्थानों की संपत्तियों को कुर्क करने और जब्त करने का अधिकार देता है।
- कानून यह भी कहता है कि पुलिस उपाधीक्षक या सहायक पुलिस आयुक्त रैंक का एक अधिकारी अधिनियम के तहत किसी भी शिकायत की जांच करेगा।
