जनता दल (यूनाइटेड) द्वारा पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 6 साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने जेडीयू (JD-U) की सिफारिश पर कार्रवाई करते हुए अनंत सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। बिहार विधानसभा सचिवालय ने अनंत सिंह को अपना पक्ष रखने के लिए 7 दिन का समय दिया है।
अनंत सिंह (फाइल फोटो)
जेडीयू ने एमएलसी (विधान परिषद) चुनाव के दौरान पार्टी उम्मीदवार का विरोध करने और जन सुराज प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने पर अनंत सिंह को निष्कासित किया था। इसके बाद पार्टी ने दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) के तहत उनकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश विधानसभा अध्यक्ष से की थी।
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दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में अनंत सिंह की जमानत रद्द
विधायकी जाने के खतरे के साथ-साथ हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में अनंत सिंह की जमानत रद्द कर दी है और उन्हें 1 दिसंबर 2026 तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। विधानसभा द्वारा दिए गए इस नोटिस का जवाब मिलने के बाद ही स्पीकर उनकी सदस्यता रद्द करने पर अंतिम फैसला लेंगे।
'दुलारचंद यादव की हत्या नीरज कुमार ने करवाई थी, ताकि उन्हें फंसाया जा सके'
वहीं 30 अक्टूबर को बिहार के मोकामा से बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के सरेंडर करने के आदेश के बाद जदयू नेता नीरज कुमार पर बड़ा हमला किया। अनंत सिंह ने दावा किया कि दुलारचंद यादव की हत्या नीरज कुमार ने करवाई थी, ताकि उन्हें फंसाया जा सके। दुलारचंद यादव हत्याकांड में ही आज अनंत सिंह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है, जिसमें उन्हें सरेंडर करने के लिए कहा गया है।
अनंत सिंह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का फैसला
निष्कासित विधायक अनंत को झटका देते हुए उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को दुलारचंद यादव हत्या मामले में उन्हें 1 दिसंबर तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। सिंह को पिछले साल अक्टूबर में हुई इस हत्या की साजिश रचने के आरोप में पहले गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, पटना उच्च न्यायालय ने इस साल मार्च में उन्हें जमानत दे दी थी। न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने सिंह को मिली जमानत रद्द करने का अनुरोध करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
