Amritpal Singh Latest Update in Hindi: कट्टरपंथी उपदेशक, वारिस पंजाब दे का चीफ और अलगाववादी मानसिकता वाला अमृतपाल सिंह लंबे समय से ढेर सारी "अवैध गतिविधियों" को अंजाम देता आया है। पंजाब को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की कोशिश के तहत इसमें पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के जरिए वहां से हथियार मंगाना भी शामिल है। यह जानकारी इंटेलिजेंस से जुड़े सूत्रों ने एक अंग्रेजी टीवी चैनल को दी हैं, जिससे साफ समझ आता है कि सिंह का भारत विरोधी ब्लू प्रिंट क्या और कैसा है।
नाम न बताने की शर्त पर इंटेलिजेंस से जुड़े लोगों ने अंग्रेजी समाचार चैनल एनीडीटी को इस बारे में बताया कि सिंह ने पाक की आईएसआई के जरिए वहां से खरीदे गए हथियारों के वितरण में मदद की। अमृतसर के जल्लूपुर खेड़ा मोहल्ले में अवैध रूप से चलाए जा रहे नशामुक्ति केंद्रों और एक गुरुद्वारे में हथियार जमा कराए। आर्म्स लाइसेंस के बगैर अवैध हथियारों को रखा। आग्नेयास्त्रों (Open display of firearms) के खुले प्रदर्शन के खिलाफ सरकारी आदेश की अवहेलना की।
उन्होंने आगे बताया कि डब्ल्यूपीडी की ओर से किए गए धार्मिक मार्च खालसा वाहीर जैसे कार्यक्रमों से जुटाई गई रकम का उन लोगों की ओर से कोई हिसाब नहीं दिया गया। सिंह की तरफ से "खालिस्तान" के नाम पर न केवल धन का गलत इस्तेमाल किया गया बल्कि खर्च के स्रोतों का कोई हिसाब दिए बगैर महंगे वाहनों का बड़ा काफिला भी बनाया गया।
यह भी कहा गया कि सिंह और उसके लोगों की तरफ से पंजाब में सांप्रदायिकता पर समाज को बांटने और डराने का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। यूपी और बिहार के गैर-सिख प्रवासियों के प्रति असहिष्णुता भी दिखाई देती है, जबकि सिंह की आनंदपुर खालसा फौज (एकेएफ) तनाव पैदा करने के लिए हिंदू बनाम सिख और ईसाई बनाम सिख नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रही है।
यह भी आरोप हैं कि वह युवाओं के बीच "गन कल्चर" (बंदूक रखने की संस्कृति) को बढ़ावा दे रहा है और जानबूझकर गुरु गोबिंद सिंह की शिक्षाओं की गलत व्याख्या कर रहा है, ताकि लोग हथियार अपने हाथों में ले लें। इतना ही नहीं, फौरी न्याय (इंस्टैंट जस्टिस) को भी उसने खूब बढ़ावा दिया है। अमृतपाल गुरुवार (23 मार्च, 2023) की सुबह तक फरार था, जबकि पंजाब पुलिस उसे ढूंढने में जुटी है। वैसे, एक रोज पहले यानी बुधवार को पुलिस की एक टीम ने उसकी पत्नी और मां से पूछताछ की थी।
