तनाव के बीच पहली बार बड़े मंच पर नजर आएंगे ईरान-UAE, दिल्ली में BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में होंगे शामिल

ईरान के हमलों में यूएई के तेल एवं ऊर्जा गैस संयंत्रों को भारी नुकसान पहुंचा है। यही नहीं, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से यूएई अपने कच्चे तेल का निर्यात नहीं कर पा रहा है। ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास आराघची और UAE के विदेश राज्य मंत्री खलीफा शाहीन दिल्ली पहुंचे हैं।

Brics Summit 2026 : युद्ध पर तनातनी और तनाव के बीच ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) एक मंच पर होंगे। दोनों देशों के विदेश मंत्री भारत में आयोजित BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में नजर आएंगे। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद यह पहला मौका है जब दोनों देशों के विदेश मंत्री आमने-सामने होंगे। 28 फरवरी को अपने ऊपर हमला होने के बाद ईरान ने खाड़ी के जिन देशों पर हमले किए उनमें यूएई भी शामिल है। ईरान के हमलों में यूएई के तेल एवं ऊर्जा गैस संयंत्रों को भारी नुकसान पहुंचा है। यही नहीं, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से यूएई अपने कच्चे तेल का निर्यात नहीं कर पा रहा है। ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास आराघची और UAE के विदेश राज्य मंत्री खलीफा शाहीन दिल्ली पहुंचे हैं।

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दिल्ली में हो रहा ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों की बैठक का आयोजन।

बड़े बहुपक्षीय मंच पर आमने-सामने होंगे

भारत और पश्चिम एशिया की कूटनीति के लिहाज से दिल्ली में होने वाली BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। इस बैठक में ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्री पहली बार ऐसे बड़े बहुपक्षीय मंच पर आमने-सामने होंगे, जब दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय तनाव और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा लगातार चर्चा में है। हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर ईरान और UAE के संबंधों पर दुनिया की नजर बनी हुई है। हालांकि दोनों देशों ने पिछले कुछ समय में रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिश की है, लेकिन कई मुद्दों पर मतभेद अब भी कायम हैं। ऐसे माहौल में BRICS मंच पर उनकी मौजूदगी को कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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