पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्र की स्थिति पर चिंता जताई और कहा कि संकट का समाधान बातचीत और कूटनीति से ही संभव है। ईरान इजरायल युद्ध के बीच यह बातचीत अहम मानी जा रही है।
पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से की बात (फाइल फोटो)
पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि आज अपने दोस्त प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों से बात की। हमने वेस्ट एशिया में बदलते हालात और बातचीत और डिप्लोमेसी की वापसी की ज़रूरत पर अपनी साझा चिंताओं पर चर्चा की। हम इस इलाके में शांति और स्थिरता को जल्द से जल्द बहाल करने केलिए मिलकर काम करते रहेंगे और कोशिशों को कोऑर्डिनेट करेंगे।
विदेश मंत्री जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री से बातचीत की
वहीं इससे पहले 5 मार्च को ही इजरायल-ईरान युद्ध के बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची (Seyed Abbas Araghchi) से टेलीफोन पर बातचीत की। यह बातचीत दोपहर हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की।
सूत्रों के अनुसार बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया में तेजी से बदल रहे हालात और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। भारत ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। बताया जा रहा है कि इस बातचीत में भारत और ईरान के बीच ऊर्जा सहयोग, क्षेत्रीय हालात और कूटनीतिक संवाद को जारी रखने पर भी चर्चा हुई।
संघर्ष में अब तक कम से कम 1200 से ज्यादा की मौत
ईरान की सरकारी एजेंसी के मुताबिक इस संघर्ष में अब तक कम से कम 1,230 लोगों की मौत हो चुकी है। एजेंसी ने बताया कि यह आंकड़ा उन लोगों का है जिनके शवों की पहचान कर उन्हें दफनाने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। मरने वालों में सैन्यकर्मी और आम नागरिक दोनों शामिल हैं।
'भारत इस कठिन समय में संयुक्त अरब अमीरात के साथ एकजुटता से खड़ा है
इससे पहले 1 मार्च को पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से फोन पर बातचीत की थी। पीएम नरेंद्र मोदी ने बातचीत की जानकारी देते हुए एक्स हैंडल पर लिखा था कि 'मैंने संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और इन हमलों में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। भारत इस कठिन समय में संयुक्त अरब अमीरात के साथ एकजुटता से खड़ा है।'
