उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर भले ही अभी कई महीने बाकी हों, लेकिन सियासत के इस महासमर में नेताओं ने एक दूसरे पर बयानों के तीर छोड़ना शुरू कर दिया है। सूबे की कुर्सी की इस लड़ाई में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव वर्तमान सीएम योगी आदित्यनाथ पर ऐसे ही खूब बाण छोड़ रहे हैं। आज उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर राजधानी में जलभराव,चुनाव और वोटर लिस्ट समेत कई मुद्दों पर योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेलों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और बजट उस स्तर तक नहीं पहुंचा है, जहां उसे होना चाहिए। अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में खिलाड़ियों और खेल सुविधाओं से जुड़े सुझावों को शामिल किया जाएगा।
यूपी में योगी Vs अखिलेश
उन्होंने कहा कि गांव, ब्लॉक और जिला स्तर पर खेल सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत है। जरूरत के अनुसार राज्य स्तर पर भी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। गांवों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। खिलाड़ियों को बेहतर पोषण, खेल उपकरण, थेरेपी और मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने के साथ चोट लगने पर उचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात भी उन्होंने कही।
योगी के बास्केटबॉल खेलने पर अखिलेश का तंज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री बास्केटबॉल खेल रहे हैं,लेकिन गेंद रिंग में नहीं पहुंची। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री बुलडोजर लेकर जाते तो गेंद को रिंग में पहुंचा देते। अखिलेश ने यह भी कहा कि अगर वह बुलडोजर पर ही बैठ जाते तो और आराम रहता। योग और व्यायाम को लेकर भी अखिलेश ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो लोग कहते हैं कि वे सोते नहीं हैं, उन्होंने उनका योग और व्यायाम भी देखा है।
‘स्पेन नहीं, लखनऊ को वेनिस कहना चाहिए था’
लखनऊ में जलभराव को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस शहर को स्पेन बताया जा रहा था, उसे शायद गलती से वेनिस कहना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी की सरकार ने शहर की ऐसी स्थिति कर दी है कि अब पूरे लखनऊ में पंप लगाने पड़ेंगे। अखिलेश ने कहा कि लखनऊ में मेयर से लेकर सांसद और दिल्ली की सरकार तक बीजेपी सत्ता में है, इसलिए शहर की बदहाली के लिए बीजेपी जिम्मेदार है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी के हटने के बाद यह संकट भी दूर हो जाएगा।
बीजेपी नेताओं के गोद लिए गांवों पर भी निशाना
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी नेताओं ने जिन गांवों को गोद लिया था, वे अब अनाथ छोड़ दिए गए हैं। गोरखपुर की स्थिति को लेकर उन्होंने इसे बीजेपी की अंदरूनी लड़ाई बताया और सवाल किया कि आगामी चुनाव में ये लोग बीजेपी से मुकाबला करेंगे या अपनी अलग पार्टी बनाएंगे। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि ऐसा न हो कि समाजवादी पार्टी के सामने कोई राजनीतिक दल नहीं बल्कि कोई ‘वाहिनी’ खड़ी हो।
नोएडा में ‘वोट चोरी’ का लगाया आरोप
अखिलेश यादव ने नोएडा में बड़े पैमाने पर वोट चोरी और फर्जी वोट बनाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपने पुराने अनुभवों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2017 में उन्होंने चुनाव आयोग पर भरोसा करते हुए ज्यादा ध्यान नहीं दिया था, लेकिन 2022 में उन्होंने देखा कि 2019 में वोट डालने वाले कई लोगों को 2022 में वोट नहीं डालने दिया गया। इसके बाद समाजवादी पार्टी ज्यादा सतर्क हुई और 2024 में बड़ी संख्या में सांसद जिताने में सफल रही।
अखिलेश ने उपचुनावों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि लोगों को वोट डालने से रोका गया, रिवॉल्वर दिखाई गईं और रास्तों में खाइयां खोदी गईं। उनके मुताबिक चुनावों में गड़बड़ी पहले भी होती थी, लेकिन अब यह सामने आ रही है।
फॉर्म-7 को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने फॉर्म-7 छपवाकर गांव-गांव बांटे। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के PDA प्रहरियों ने वोट बचाने का काम किया। अखिलेश ने सवाल उठाया कि क्या किसी जिलाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने दावा किया कि लखनऊ में 100 से अधिक वोट काटे गए, लेकिन चुनाव आयोग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री चुनाव आयोग के समर्थन में बोल रहे हैं तो वह भी कथित गड़बड़ी में शामिल हैं।
30 सितंबर की INDIA गठबंधन बैठक में शामिल होंगे वरिष्ठ नेता
विपक्षी गठबंधन की बैठक को लेकर अखिलेश यादव ने बताया कि उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से बातचीत की है। उन्होंने कहा कि 30 सितंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की बैठक में समाजवादी पार्टी की ओर से वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
जाति व्यवस्था पर भी बोले अखिलेश
अखिलेश यादव ने जाति व्यवस्था को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि एक मनु महाराज आए थे, उन्होंने सब खराब कर दिया, गड़बड़ कर दिया। फिर डॉ. आंबेडकर आए और उन्होंने कहा कि जाति व्यवस्था टूटनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चरण सिंह और नेताजी मुलायम सिंह यादव से लेकर कई नेताओं ने जाति व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई। इसी सोच के तहत समाजवादी पार्टी ने PDA का नारा दिया है। अखिलेश यादव ने रथ को भारतीय संस्कृति से जोड़ते हुए कहा कि रथ हमारी संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने रथ से ही अर्जुन को गीता का संदेश दिया था।
बीजेपी के सोशल मीडिया वीडियो पर भी कसा तंज
बीजेपी के सोशल मीडिया वीडियो पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि बीजेपी के लोग अच्छे वीडियो बनाएंगे, लेकिन उनके मुताबिक जैसे वे खुद ‘लो-क्वालिटी’ हैं, वैसे ही उनके वीडियो भी ‘लो-क्वालिटी’ हैं।
