Asaduddin Owaisi : समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने फिर सरकार पर हमला बोला है। ओवैसी ने कहा है कि शरीयत के मामले सरकार को दखल नहीं देना चाहिए। यूसीसी को मुसलमान स्वीकार नहीं करेंगे। ओवैसी ने बात के समर्थन में बाबा साहब भीम राव अंबेडकर का भी हवाला दिया। एआईएमआईएम नेता ने कहा कि मुस्लिमों के मामलों में सरकार को टांग नहीं अड़ाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान से शरीयत एक्ट नहीं हटाया गया है।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि मुस्लिम इसे स्वीकार नहीं करेंगे।
गैर-मुसलमानों को ज्यादा नुकसान होगा-ओवैसी
औवेसी ने कहा कि हर कोई कह रहा है कि यूसीसी से मुस्लिमों को सबक मिलेगा लेकिन यह कानून पूरे देश के लिए अच्छा नहीं। औवेसी ने कहा कि अगर यह लागू हुआ तो मुस्लिमों से ज्यादा गैर-मुसलमानों को नुकसान होगा। बता दें कि कुछ दिनों भोपाल की एक रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूसीसी पर जोर दिया। उन्होंने पूछा कि एक देश में दो कानून कैसे चल सकते हैं। इसके बाद यूसीसी पर चर्चा ने जोर पकड़ ली है।
विधि आयोग को 46 लाख सुझाव मिले
बाद में विधि आयोग ने देश के समस्त नागरिकों से यूसीसी पर राय मांगी जिस पर लोगों ने काफी दिलचस्पी दिखाई।
विधि आयोग को अब तक लगभग 46 लाख सुझाव मिल चुके हैं। बताया जाता है कि आयोग आने वाले दिनों में कुछ संगठनों और लोगों को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए भी बुला सकता है। उन्होंने बताया कि इनमें से कुछ निमंत्रण पत्र पहले ही भेजे जा चुके हैं।
UCC पर नए सिरे से चर्चा
आयोग ने राजनीतिक रूप से इस संवेदनशील मुद्दे पर लोगों और मान्यता प्राप्त धार्मिक संगठनों सहित सभी हितधारकों के विचार आमंत्रित करते हुए 14 जून को समान नागरिक संहिता पर एक नई विमर्श-प्रक्रिया शुरू की थी। इससे पहले, 21वें विधि आयोग ने मुद्दे की पड़ताल की थी और सभी हितधारकों से दो मौकों पर विचार मांगे थे। उसका कार्यकाल अगस्त 2018 में समाप्त हो गया। इसके बाद, अगस्त 2018 में ‘परिवार कानून में सुधार’ पर एक परामर्श पत्र जारी किया गया था।
