बंगाल चुनाव से पहले CPI(M) की नजर हुमायूं कबीर पर, मो. सलीम ने बातचीत की शुरू, क्या बनेगा गठबंधन?

मो. सलीम ने कहा, हम वाम मोर्चे में इस प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे और उसके बाद मोर्चे से बाहर की वामपंथी पार्टियों से, फिर आईएसएफ से बात करेंगे। सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे ने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव इंडियन सेकुलर फ्रंट (आईएसएफ) के साथ गठबंधन में लड़ा था, लेकिन वह चुनाव में अपना खाता भी नहीं खोल सका।

सीपीआई (एम) की पश्चिम बंगाल इकाई के सचिव मोहम्मद सलीम ने नवगठित जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर से मुलाकात की, जिससे आगामी विधानसभा चुनावों से पहले दोनों पार्टियों के बीच संभावित गठबंधन की अटकलें तेज हो गईं। सलीम ने कहा कि आगामी चुनावों में सीटों के बंटवारे के प्रस्ताव पर सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे में चर्चा की जाएगी। बुधवार को न्यू टाउन के एक होटल में कबीर के साथ उनकी एक घंटे लंबी बैठक हुई। कबीर तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक हैं और हाल ही में मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद की नींव रखने के मामले में विवादों में घिरे थे।

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सीपीआईएम नेता मो. सलीम

मुस्लिम नेताओं के इर्द-गिर्द सीपीआई (एम) की सियासी रणनीति

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