उत्तर प्रदेश के आगरा में शिक्षक एमएलसी चुनाव के दौरान कथित गड़बड़ी और निगरानी में लापरवाही के मामले में भारत निर्वाचन आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने छह अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। इनमें सेक्टर मजिस्ट्रेट, पुलिस इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर शामिल हैं। इसके अलावा, दो मतदान केंद्रों पर तैनात पांच मतदानकर्मियों और 16 पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहा गया है।
आगरा शिक्षक MLC चुनाव में बड़ा एक्शन, 6 अधिकारी सस्पेंड।
दो मतदान केंद्रों पर लापरवाही का आरोप, 6 अधिकारियों पर कार्रवाई
निर्वाचन आयोग की कार्रवाई आगरा के सैंया और फतेहाबाद स्थित मतदान केंद्रों से जुड़े मामले में की गई है। जानकारी के मुताबिक, सैंया के बूथ नंबर 21 पर तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट ओपी चक, क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर हरिशरण सिंह और एत्माद्दौला थाने के सब-इंस्पेक्टर संदीप कुमार को निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, फतेहाबाद के बूथ नंबर 26 पर तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट विशाल राठौर, इंस्पेक्टर पुरुषोत्तम पाल और सब-इंस्पेक्टर सुमित त्यागी के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने मतदान केंद्रों के भीतर और आसपास प्रभावी निगरानी तथा नियंत्रण में कथित चूक को गंभीरता से लिया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों की जवाबदेही तय करना और मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाओं को लेकर लापरवाही के मामलों में सख्ती बरतना है।
5 मतदानकर्मियों और 16 पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई के निर्देश
छह अधिकारियों के अलावा, आयोग ने दोनों मतदान केंद्रों पर तैनात पांच मतदानकर्मियों और 16 पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
निर्वाचन आयोग ने संबंधित अधिकारियों को 10 दिनों के भीतर आरोपपत्र प्रस्तुत करने और की गई कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट भेजने को कहा है। इस कदम को शिक्षक एमएलसी चुनाव के दौरान कथित अनियमितताओं और निगरानी में लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय करने की दिशा में अहम कार्रवाई माना जा रहा है।
