Prashant Kishor : दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) की हार और अरविंद केजरीवाल की चूक पर चुनावी रणनीतिकार एवं जनसुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया है कि कौन सी चूक केजरीवाल के लिए भारी पड़ गई। पीके ने रविवार को कहा कि शराब नीति घोटाले में जमानत हासिल करने के बाद केजरीवाल का इस्तीफा एक भारी गलती थी और इस गलती का खामियाजा पार्टी को चुनाव में उठाना पड़ा। एक न्यूज चैनल से बातचीत में किशोर ने चुनाव में AAP की इस हार के लिए केजरीवाल के लगातार बदलते रुख को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल इंडिया ब्लॉक में शामिल थे लेकिन दिल्ली की चुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया। इस वजह से भी चुनाव में AAP अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई।
दिल्ली चुनाव में अरविंद केजरीवाल की हार हुई है।
सत्ता विरोधी लहर भी हार की वजह-पीके
चुनावी रणनीतिकार ने कहा, 'दिल्ली चुनाव में केजरीवाल की हार की सबसे बड़ी वजह बीते 10 साल की सत्ता विरोधी लहर थी। दूसरी चीज उनका इस्तीफा शायद सबसे बड़ी गलती थी। आबकारी नीति में जब वह गिरफ्तार हुए तभी उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए था। चुनाव से ठीक पहले जमानत हासिल करने के बाद इस्तीफा देना और अपनी जगह किसी और को मुख्यमंत्री बनाना, एक बहुत बड़ी रणनीतिक गलती साबित हुई।'
चुनाव में 22 सीटें जीती AAP
बता दें कि दिल्ली के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 27 साल बाद सत्ता में वापसी की। विधानसभा की 70 सीटों में से उसने 48 सीटों पर जीत दर्ज की जबकि AAP 22 सीट ही जीत पाई। कांग्रेस लगातार तीसरी बार एक भी सीट नहीं जीत पाई। पीके ने कहा कि हाल के समय में AAP दिल्ली में काम नहीं कर पाई। खासकर मानसून के समय में दिल्ली के निचली इलाकों में पानी भर गया। मानसून के मौसम में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। किशोर ने कहा कि अब चूंकि केजरीवाल सरकारी दायित्वों से मुक्त हो चुके हैं तो ऐसे में उन्हें दूसरे राज्यों में पार्टी का विस्तार और उसे मजबूत करने का मौका मिलेगा।
कांग्रेस ने चुनाव हराया-खान
दिल्ली की ओखला सीट से आप के विधायक अमानतुल्लाह खान ने रविवार को विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। खान ने कहा, ‘कांग्रेस ने चुनाव जीतने के लिए नहीं, बल्कि हमारी हार सुनिश्चित करने के लिए लड़ा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पहली बार मेरे निर्वाचन क्षेत्र में प्रचार करने आए थे। उन्हें पता था कि उनके पास जीतने का कोई मौका नहीं है, लेकिन वे हमें हराने के लिए दृढ़ थे।’कांग्रेस ने खान के आरोप को खारिज किया है।
