'जाओ हाईकोर्ट में बहस करो'; गैंगस्टर अबू सलेम की याचिका पर 'सुप्रीम' सुनवाई नहीं; अवैध हिरासत का दावा खारिज

गैंगस्टर अबू सलेम ने सुप्रीम कोर्ट में दावा किया कि वह 25 साल की सजा पूरी कर चुका है और पिछले 10 महीनों से अवैध हिरासत में है, लेकिन कोर्ट ने उसकी याचिका सुनने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने उसे अंतिम राहत के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में ही बहस करने को कहा और याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी।

1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में दोषी गैंगस्टर अबू सलेम (abu salem) की उस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (supreme court) ने सोमवार को सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें उसने दावा किया था कि वह 25 साल की सजा पूरी कर चुका है और पिछले 10 महीनों से “अवैध हिरासत” में है।

Gangster Abu Salem

गैंगस्टर अबू सलेम।

बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था गैंगस्टर

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ उसकी उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें बॉम्बे उच्च न्यायालय (bombey high court) के जुलाई 2025 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसमें कहा गया था कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि 25 वर्ष की अवधि अभी पूरी नहीं हुई है। सलेम ने उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर अपनी रिहाई की मांग की थी, जिसमें उसने दावा किया था कि अच्छे व्यवहार के लिए दी गई छूट को शामिल करने पर वह पहले ही 25 साल की कैद काट चुका है। उच्च न्यायालय ने उसकी याचिका स्वीकार कर ली थी लेकिन कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था।

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