न्यूयॉर्क में मोहन भागवत के बयान को लेकर भारत में सियासी बहस छिड़ी हुई है। इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दिपके ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भाजपा को लगता है कि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से बड़ी हो गई है। उन्होंने भाजपा से संघ प्रमुख मोहन भागवत की बातों पर ध्यान देने की अपील की।
अभिजीत दिपके ने कसा भाजपा पर तंज। (ANI)
भाजपा को सुननी चाहिए मोहन भागवत की सलाह
दिपके से जब न्यूयॉर्क में भागवत के उस बयान को लेकर सवाल किया गया,जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में कोई मुस्लिम नहीं होना चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रहेगा, इसी को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा को संघ प्रमुख की बात सुननी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मैं शुरू से कहता रहा हूं कि भाजपा को मोहन भागवत की बात सुननी चाहिए। सत्ता में 12 साल रहने और इतनी एजेंसियों को अपने हाथ में लेने के बाद भाजपा को लगने लगा है कि वह आरएसएस से बड़ी हो गई है।
दिपके ने भाजपा पर तंज कसते कहा कि भागवत ने पहले भी प्रदर्शन कर रहे Gen Z युवाओं को राष्ट्रविरोधी नहीं कहने की बात कही थी। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 'दिमागी नक्सल'जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि इससे साफ पता चलता है कि प्रधानमंत्री मोहन भागवत की बात नहीं सुन रहे हैं।
'RSS की वजह से सत्ता में है BJP'
CJP नेता ने कहा कि आरएसएस प्रमुख समावेशिता की बात करते हैं और बच्चों का अपमान नहीं करने की सलाह देते हैं। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी की ओर से इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। दिपके ने कहा कि उन्हें कम से कम मोहन भागवत की बात सुननी चाहिए,जो उनके मार्गदर्शक हैं। सीजेपी नेता ने कहा कि भाजपा आरएसएस की वजह से सत्ता में है।
सोनम वांगचुक के बयान पर भी सफाई
इस दौरान दिपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के उस इंटरव्यू के बारे में पूछे जाने पर, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर CJP नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षा की बात कही थी, पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि वांगचुक के बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वांगचुक से पूछा गया था कि सौरव दास और आशुतोष रांका क्या राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखते हैं। तब वांगचुक ने दोनों को प्रतिभाशाली और अच्छे नेता बताया था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने अब तक भ्रष्टाचार नहीं किया है और ईमानदारी से आंदोलन चलाया है। फिर जब वांगचुक से भविष्य को लेकर सवाल किया गया था, तब उन्होंने कहा था,"मैं भी नहीं बता सकता। मैं लोगों से बार-बार कहता हूं कि किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें, क्योंकि हमें नहीं पता कि भविष्य में कोई व्यक्ति क्या करेगा।"
