Abhijeet Dipke- कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और जेन-जी आंदोलन के प्रमुख चेहरे अभिजीत दिपके ने भारतीय जनता पार्टी नीत एनडीए (NDA) गठबंधन में शामिल होने के न्योते पर कड़ा प्रहार किया है। केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (A) के प्रमुख रामदास अठावले द्वारा अपनी पार्टी में आने के प्रस्ताव पर दिपके ने पलटवार करते हुए पूछा— "अभी एक महीने पहले तो मैं तुम्हारे लिए एंटी-नेशनल था?"
अभिजीत दिपके का रामदास अठावले को जवाब
रामदास अठावले का न्योता और तर्क
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने नागपुर में मीडिया से बात करते हुए अभिजीत दिपके को युवा, सक्रिय और अंबेडकरवादी नेता बताया। अठावले ने कहा कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर के सपनों को पूरा करने और समाज व दलित राजनीति को मजबूत करने के लिए दिपके को उनकी पार्टी RPI(A) में शामिल होकर सत्तारूढ़ गठबंधन (NDA) का हिस्सा बनना चाहिए। NEET-UG 2026 पेपर लीक और छात्र प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए अठावले ने कहा कि सरकार गलत करने वालों को सजा देने में विश्वास रखती है और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
अभिजीत दिपके का तीखा पलटवार
दिपके ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए सत्ता पक्ष के नेताओं के पिछले रवैये को याद दिलाया। उन्होंने ध्यान दिलाया कि जब जंतर-मंतर पर छात्र NEET-UG पेपर लीक और शिक्षा सुधारों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, तब पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और बीजेपी नेताओं ने उन्हें 'एंटी-नेशनल' और 'आतंकियों की बी-टीम' तक कह दिया था।
दिपके ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें भागवत ने कहा था कि अपनी जायज मांगों के लिए विरोध प्रदर्शन करने वाले Gen Z युवाओं को 'देशद्रोही' या 'एंटी-नेशनल' नहीं कहा जाना चाहिए। दीपके ने बीजेपी नेताओं को भागवत की सलाह पर अमल करने की नसीहत दी।
चुनावी राजनीति और आगे का रुख
दिपके और CJP ने स्पष्ट किया है कि वे चुनावी राजनीति में उतरने या कोई राजनीतिक दल बनाने के पक्ष में नहीं हैं। वे एक सामाजिक आंदोलन और प्रेशर ग्रुप के रूप में काम जारी रखेंगे। चुनावी दंगल से दूर दीपके ने हाल ही में महाराष्ट्र के हिंगोली जिले से सरकारी स्कूलों की बदहाली सुधारने के लिए जमीनी स्तर पर सोशल ऑडिट और 'स्कूल ठीक करो' अभियान की शुरुआत की है।
