PIL Against Ravneet Bittu: केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है। याचिका हिंदू सेना (एस) के अध्यक्ष सुरजीत यादव ने दायर की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिट्टू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इसे लेकर सियासी संग्राम मचा हुआ है और कांग्रेस ने बिट्टू और बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
रवनीत सिंह बिट्टू
बिट्टू के खिलाफ कार्रवाई की मांग
जनहित याचिका में बिट्टू के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा गया है कि उनकी टिप्पणियों से व्यापक हिंसा और अशांति भड़कने की संभावना है। याचिकाकर्ता ने बिट्टू की टिप्पणियों के कारण सार्वजनिक शांति और सद्भाव के लिए संभावित खतरे की आशंका जताते हुए अदालत से स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
क्या कहा था बिट्टू ने?
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी के अमेरिका यात्रा के दौरान सिखों के संबंध में की गई उनकी टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता को निशाने पर लिया था। बिट्टू ने राहुल को देश का सबसे बड़ा दुश्मन और आतंकवादी बताया। बिट्टू ने भागलपुर में एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी के बारे में कहा, एक तो वह हिंदुस्तानी नहीं हैं। ज्यादा वक्त उन्होंने विदेशों में बिताया है। उनके दोस्त और परिवार के सदस्य वहां पर हैं इसलिए कहीं न कहीं उनको अपने देश के साथ ज्यादा प्यार नहीं है । वह बाहर जाकर गलत बोलते हैं।
उन्होंने कहा, अब उन्हें अलगाववादियों का समर्थन मिल गया है, जो हमेशा देश को बांटने की बात करते हैं। अलगाववादी उनका समर्थन कर रहे हैं। वह देश के नंबर वन आतंकवादी हैं। वह अलगाववादियों की तरह बात कर रहे हैं। उन्हें पकड़ने के लिए इनाम होना चाहिए क्योंकि वह देश के सबसे बड़े दुश्मन हैं।
कांग्रेस से तीन बार सांसद रहे रवनीत 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे। रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा राहुल गांधी पर हमला करने और यह दावा करने के बाद कि वह भारतीय नहीं हैं, एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल को पकड़ने पर इनाम मिलना चाहिए क्योंकि वह देश के सबसे बड़े दुश्मन हैं।
