5 राज्य, 3108 गांव, 13 नए स्टेशन, बिछने जा रहीं 565 KM लंबी नई रेल पटरियां; किसानों की हो जाएगी चांदी

New Rail Line Project: गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना, बिहार और असम के 13 जिलों को कवर करने वाली 4 रेल परियोजनाओं को हरी झंडी मिल चुकी है। 565 किलोमीटर लंबी रेल लाइनें कुल 3108 गांवों से होकर गुजरेंगी। 2 प्रस्तावित नई रेल लाइनों के लिए 13 नए स्टेशन भी बनाए जाएंगे। इन परियोजनाओं को विकसित करने के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहण की जाएगी, जिसके एवज में उन्हें मोटा मुआवजा दिया जाएगा। आइये जानते हैं इसका सबसे अधिक फायदा किन जिलों को मिलेगा?

New Rail Line Project: भारतीय रेलवे रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से बढ़ रही है। देश के विभिन्न राज्यों के कोने-कोने तक पटरियां बिछाकर ट्रेनों की कनेक्टिविटी को बेहतर करने का प्रयास है। इसके लिए कई परियोजनाएं संचालित हैं। इसी बीच सरकार ने 4 नए रेल प्रोजेक्ट विकसित करने के लिए 12,328 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इनका रूट मैप गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना, बिहार और असम के 13 जिलों को कवर करेगा। जिनमें देशलपार-हाजीपीर-लूना और वायोर-लखपत नई लाइन, सिकंदराबाद (सनथनगर)-वाडी तीसरी और चौथी लाइन, भागलपुर-जमालपुर तीसरी लाइन और फुर्केटिंग-न्यू तिनसुकिया दोहरीकरण शामिल हैं। इन रूटों पर नई एक्सप्रेस ट्रेनें और मालगाड़ियों के संचालन से न सिर्फ रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को सीधा लाभ होगा, बल्कि माल ढुलाई भी आसान होगी। नई रेल लाइनों के लिए नए स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा, जिनके आसपास होटल, रेस्टोरेंट समेत अन्य आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति के लिए शॉप इत्यादि ओपन होंगी, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।

New Rail Track Project.

नए रेल ट्रैक प्रोजेक्ट

किन राज्यों में बिछेंगी नई पटरियां

गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना, बिहार और असम राज्यों के 13 जिलों को कवर करने वाली ये चार परियोजनाएं भारतीय रेलवे के विद्यमान नेटवर्क को लगभग 565 किलोमीटर बढ़ा देंगी। ये परियोजनाएं पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप बनाई गई हैं, जिनका उद्देश्य एंटीग्रेटेड प्लानिंग योजना और स्टॉक होल्डर कंसल्टेंट के जरिए से मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है।

End of Feed