Sikkim Tunnel Collapse: कैसे ढही थी एनएचपीसी की निर्माणाधीन सुरंग, जिसमें मर गए 11 मजदूर? सामने आ गई बड़ी वजह

सिक्किम में हुए सुरंग ढहने से हुए हादसे में अब तक 11 लोगों के मरने की खबर सामने आई है। वहीं, सीएम तमांग और पीएम मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का भी एलान किया है।

सिक्किम के नामची जिले में एनएचपीसी की तीस्ता चरण-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुए भीषण हादसे में अब तक 11 श्रमिकों की मौत हो चुकी है। सुरंग में फंसे अन्य लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान जारी है। इस बीच मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि का ऐलान किया है।

सिक्किम में कैसे ढही निर्माणाधीन सुरंग?

सिक्किम में कैसे ढही निर्माणाधीन सुरंग?

कैसे हुआ सुरंग हादसा?

एनएचपीसी के अनुसार, 20 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 1:04 बजे दक्षिण सिक्किम के समरडुंग स्थित तीस्ता चरण-6 परियोजना की निर्माणाधीन हेड रेस टनल (HRT) के भीतर चट्टानों में फंसी संदिग्ध मीथेन गैस अचानक बाहर निकली, जिससे जोरदार विस्फोट हुआ। विस्फोट के बाद सुरंग में घना धुआं और जहरीली गैस फैल गई, जिसके कारण 27 श्रमिक अंदर ही फंस गए।

बचाव अभियान लगातार जारी

हादसे के बाद एनएचपीसी ने तत्काल आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली सक्रिय कर दी। राहत और बचाव अभियान में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), जिला प्रशासन, पुलिस, स्थानीय प्रशासन और खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) की विशेष बचाव टीम जुटी हुई है। पश्चिम बंगाल से खनन बचाव विशेषज्ञों की टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है।

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