Impact Of Harsh Changes Of Environment On Health: आजकल वातावरण में जितने तेजी से बदलाव हो रहे हैं, यह सेहत के लिए लिहाज से बिल्कुल भी ठीक नहीं हैं। पर्यावरण परिवर्तन आज के समय में एक बड़ी चुनौती बन गया है। जम जिस हवा में सांस लेते हैं वह दूषित है, जो खाना खाते हैं वह भी दूषित है, यहां तक पीने के लिए जिस पानी का प्रयोग करते हैं वह तक शुद्ध नहीं। मनुष्य के स्वास्थ्य को बनाए रखने में पर्यावरण की बहुत अहम भूमिका होती है। इसी से एक व्यक्ति का स्वास्थ्य निर्धारित होता है। अगर हमारा पर्यावरण स्वस्थ नहीं, तो हम भी स्वस्थ नहीं रह सकते हैं। लेकिन आजकल हम देखते हैं ग्लोबल वार्मिंग से लेकर, हानिकारक केमिकल्स और फैक्ट्रियों से निकलने धुंआ तक जलवायु तो लगातार दूषित कर कर रहें। लगातार पेड़ों की कटाई और बढ़ती टेक्नोलॉजी ने पर्यावरण को दूषित बनाने काफी अहम भूमिका निभाई है। पर्यावरण में परिवर्तन लोगों के स्वास्थ्य को स्वास्थ्य में कई तरह से भूमिका निभाता है। यह लोगों में पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं की गंभीरता को प्रभावित करता है। लोगों या स्थानों में नई या अप्रत्याशित स्वास्थ्य समस्याएं पैदा करता है, जो पहले कभी नहीं थीं।
Impact Of Harsh Changes Of Environment On Health
ऐसे में इसके महत्व को समझना और इसके प्रति जागरूक होना बहुत आवश्यक है। पर्यावरण परिवर्तन को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए हर 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। जलवायु पर्यावरण का हमारी सेहत पर क्या प्रभाव पड़ता है, यह जानने के लिए हमने डॉ.ऋषिकेश देसाई से बात की, जो दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में मेडिसिन विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर हैं। इस लेख में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं।
पर्यावरण के परिवर्तनों का स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है - Impact Of Harsh Changes Of Environment On Health
डॉ.ऋषिकेश देसाई के अनुसार, स्वस्थ पर्यावरण का अर्थ स्वच्छ हवा, स्वच्छ पानी, पोषण आहार की आपूर्ति और सुरक्षित घर हैं। लेकिन, सदियों से जलवायु में परिवर्तन पर प्रतिबंध है। प्रदूषण के कारण पर्यावरण अस्त-व्यस्त हो गया है। वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और रासायनिक अपशिष्ट इसके पीछे की कुछ प्रमुख वजह हैं। इसकी वह से शरीर में कई गंभीर रोग हो सकते हैं जैसे,
- फेफड़ों की बीमारियां
- हृदय रोगों में वृद्धि
- गला खराब होना
- चिड़चिड़ापन
- आंखों की रोशनी कम होना
- कैंसर रोग
- विभिन्न प्रकार के वायरस और संक्रमण का खतरा
पर्यावरण को बचाने के लिए डॉक्टर क्या सलाह देते हैं
हानिकारक रसायन नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, ओजोन आदि पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन को नष्ट कर रहे हैं। इसलिए, बेहतर भविष्य के लिए हमें पर्यावरण का ध्यान रखना चाहिए, पानी का संरक्षण करना चाहिए, अधिक पेड़ लगाने चाहिए। वह सब कुछ करना चाहिए जिससे हम अपने मूल्यवान प्राकृतिक संसाधनों को पुनर्स्थापित कर सकते हैं। उसका पुनः उपयोग करना चाहिए। इससे पर्यावरण को बेहतर बनाने में बहुत मदद मिल सकती है।
