Heart Attack in Gym during workout: हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य दिल से जुड़ी बीमारियों के कारण होने वाली मौतों के मामले लगातार तेजी पकड़ रहे हैं। खासतौर से इन बिमारियों का शिकार एक्सरसाइज करते हुए, जिम में वर्कआउट करते हुए लोग ज्यादा बन रहे हैं। जिस वजह से चारों तरफ और गहन चिंता का माहौल है। अब सवाल ये है कि वर्कआउट से तो शारिरीक-मानसिक स्वास्थ्य दोनों बने रहते हैं। फिर अचानक से ऐसा क्या हो रहा है कि, राजू श्रीवास्तव, सिद्दांत सुर्यवंशी, साउथ के सुपरस्टार पुनीत राजकुमार जैसे कई मशहूर चेहरे, जिम में वर्कआउट करते करते मौत में मुंह में चले गए।
61 वर्षीय बेहद फिट, हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार सुनील शेट्टी से जब ये सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस बात का बड़ा सीधा, सरल मगर चौका देने वाला जवाब दिया। दरअसल सुनील अपनी अपकमिंग वेब सीरीज ‘धारावी बैंक’ का प्रमोशन कर रहे थे।
ये है जिम में हार्ट अटैक से मौत का कारण
सुनील ने बताया कि, ‘इन मौतों के पीछे का कारण लोगों का वर्कआउट नहीं है। ऐसा नहीं है कि लोग अगर ज्यादा एक्सरसाइज कर लेते हैं या अपनी बॉडी को ज्यादा स्ट्रेच कर लेते हैं। तो इससे उन्हें दिल का दौरा या हार्ट फेल्योर का सामना करना पड़ता है। इसके पीछे की जड़ है, सप्लीमेंट्स और वो स्टेरॉइड्स जिनका लोग सेवन करते हैं। केवल यही नहीं ऐसा होने के पीछे की एक और मुख्य वजह है। वो है हेल्दी डाइट, हेल्दी लाइफस्टाइल और हेल्दी स्लीप पैटर्न को फॉलो न करना। ये सारी चीजें एक हेल्दी न्यूट्रिशन से भरपूर बॉडी के बहुत जरूरी होती हैं।’
सुनील ने इस बात पर भी बहुत जोर दिया कि हेल्दी डाइट का मतलब डाइटिंग करना नहीं। बल्कि प्रॉपर पोषण वाला साधारण येट इफेक्टिव आहार लेना है। उन्होंने एक और सवाल उठाया, जो सभी जिम्स को कटघरे में खड़ा करता है। वो सवाल है कि, क्या जिम वाले अपने क्लाइंट्स को हार्डकोर एक्सरसाइज और मशिन्स इस्तेमाल करने के लिए बोलने से पहले बैलेंस चेक करते हैं? पूरी सावधानी और जरूरी प्रीकॉशन्स लेते हैं? हालांकि वे वही करते होंगे जो जरूरी है।
कोविड के बाद हार्ट अटैक के मामलों में तेजी क्यों?
ये बात तो साफ है कि कोविड-19 के बाद से स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतों में बढ़ोत्तरी हुई है। वो भी हर उम्र के लोगों के लिए, और ऐसा सबसे ज्यादा हमने दिल से जुड़ी बीमारियों के मामलों में खास तौर से देखा है। सुनील से इसके बारे में कहा कि, ‘कोविड के बाद हमें सेहत का ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है। समय समय पर हमें टेस्ट्स (D-Dimer Test) करवाते रहना चाहिए, जिससे पता चलता रहे कि बॉडी में कहीं ब्लड क्लॉटिंग तो नहीं है। क्योंकि कोविड के कारण कई लोगों को ब्लड क्लॉटिंग की समस्या हो रही है। जो कि बहुत खतरनाक है।’
