क्या होता है पैसिव यूथेनेशिया, कब मिलती है मंजूरी और क्या है इसके नियम? डॉक्टर ने बताया पूरा प्रोसेस

Euthanasia Laws India: पैसिव यूथेनेशिया इंपोज्ड डेथ नहीं, बल्कि नेचुरल डेथ की ओर एक नियंत्रित और मानवीय पहल है। मामले में डॉक्टरों की एक सक्षम और क्वालिफाइड टीम बनाई जाती है, जो हर पल मरीज की स्थिति पर नजर रखती है। किस केस में लागू होता है? क्या होता है इसमें? जानें पूरा प्रोसेस।

Passive Euthanasia: पैसिव यूथेनेशिया की प्रक्रिया को डॉक्टरों ने एक बेहद संवेदनशील, संतुलित और मानवीय कदम बताया है, जिसका उद्देश्य मरीज को कष्ट से राहत देते हुए उसे गरिमा के साथ जीवन का अंतिम पड़ाव देना है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह किसी भी तरह से जीवन को समाप्त करने की कोशिश नहीं, बल्कि प्राकृतिक मृत्यु को सहज और आरामदायक बनाने की प्रक्रिया है।

Passive Euthanasia Right to Die

क्या होता है पैसिव यूथेनेशिया

रेडिक्स हॉस्पिटल के डायरेक्टर सीनियर डॉक्टर रवि मलिक ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत मरीज को दी जा रही लाइफ सेविंग दवाओं, कृत्रिम पोषण और अन्य सपोर्ट सिस्टम को धीरे-धीरे कम किया जाता है, ताकि शरीर अपने प्राकृतिक तरीके से प्रतिक्रिया दे सके। डॉक्टरों का कहना है कि यह इंपोज्ड डेथ नहीं, बल्कि नेचुरल डेथ की ओर एक नियंत्रित और मानवीय पहल है।

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