Diabetes in India (भारत में डायबिटीज के मरीज़): यूके मेडिकल जर्नल ‘लैंसेट’ में छपी आईसीएमआर की एक स्टडी के मुताबिक इस समय भारत में 101 मिलियन से अधिक लोग डायबिटीज के शिकार बन चुके हैं और ये आंकड़ा तेजी से लगातार बढ़ता जा रहा है। स्टडी के अनुसार ये बात साफ़ दर्शा रही है कि भारत में डायबिटीज का भयंकर रूप से विस्फोट हुआ है। पिछले 4 सालो में देश भर में डायबिटीज के करीब 44% मामले बढ़े हुए हैं। डायबिटीज के ये डराने वाले आंकड़े लगातार ही अलग अलग रिसर्चों के माध्यम से सामने आ रहे हैं।
More than 100 million people in India becomes diabetic Icmr study reveals
2019 में था दूसरा हाल
रिपोर्ट्स के मुताबिक बताया जा रहा है कि, भारत में साल 2019 में यह आंकड़ा 70 मिलियन के आस पास था। और अब 2023 में यानि की मात्र 4 साल के अंतर पर आंकड़ा 101 मिलियन पार हो गया है। हालांकि स्टडी में बताया गया कि कुछ राज्यों में डायबिटीज पेशेंट के आंकड़े स्टेबल हैं लेकिन वहीं कुछ राज्यों में तेजी से ये अकड़े बढ़ रहे हैं।
राज्यों का है बुरा हाल
इस स्टडी में कहा गया है कि जिन राज्यों में तेजी से डायबिटीज के मामले बढ़ रहे हैं, वहां इसे रोकने की जरूरत है वरना आंकड़े बढ़ेंगे। देश के करीब 15 फीसदी लोग प्री-डायबिटीज के मरीज है। वहीं एक स्टडी में बताया गया है कि कम से कम 136 मिलियन लोग, यानी कि भारतीय आबादी के 15.3 फीसदी लोग प्रीडायबिटीज है।
वहीं कुछ राज्य जैसे पुडुचेरी (26.3%) गोवा (26.4%), और केरल (25.5%) में डायबिटीज का सबसे ज्यादा मामले बढ़े हैं
स्टडी की बात की जाए तो डायबिटीज़ एक महामारी बनती जा रही है और इससे एक बड़ी आबादी को खतरा हो सकता है।
"मेदांता अस्पताल की डॉक्टर नीलम बिष्ट ने हमे बताया की पिछले कुछ सालों में और खासतौर पर कोरोना काल के बाद यह देखा गया है कि लोगो को लाइफ स्टाइल संबंधित बीमारियों से परेशान है क्योंकि पिछले कुछ साल में लोगों ने वर्क फ्रॉम होम को ज्यादा तवज्जो दिया और आज भी कई लोग ऐसे हैं जो work-from-home कर रहे हैं जिसके चलते उनका ज्यादातर वक्त ऑनलाइन स्क्रीनिंग के बीच बीत रहा है जिसके चलते फिजिकल एक्टिविटी बहुत कम हो गई है।
क्या है डायबिटीज बढ़ने की वजह?
- डॉक्टर नीलम ने बताया की डायबिटीज की बात करें तो यह स्लो पॉइजन की तरह लोगों को निगल रही है। आधे लोग तो ऐसे हैं जो ये मानने को ही तैयार नहीं है कि उन्हें डायबिटीज है या आधे लोग जागरूक ही नहीं है। लेकिन यह बीमारी धीरे-धीरे दिल पेट लिवर किडनी आंख और ब्रेन तक लोगों को शिकार बना रही है।
- जंक फूड खाना और टेंशन में रहना बड़ी वजह।
- बाहर का खाना, तला भुना बना खाना आजकल लोगों की डाइट में शुमार हो गया है जिसके चलते कई बीमारियां होती जा रही है।
- पहले के मुकाबले रोटी दाल सब्जी और पोषण भरे खाने के अलावा लोग पिज्जा बर्गर जैसी चीजों पर निर्भर है। यहीं धीरे-धीरे उनके लिए जहर बनता जा रहा है।
- डॉक्टर नीलम ने बातचीत में कहा कि ये आंकड़े अपने आप में बहुत खतरनाक है और यह बता रहे हैं कि बड़ी आबादी इस खतरे की तरफ पहुंच रही है। 10 करोड़ लोगों को डायबिटीज होना अपने आप में बता रहा है कि जिस तरीके से हम लोग मशीन पर डिपेंडेंट है फिजिकल वर्क नहीं करते बाहर के खाने पर, प्रोसैस्ड फूड पर डिपेंडेंट है इसी के चलते लोगों को यह दिक्कत हो रही है और सबसे बड़ी बात यह है कि जो लोग के डायबिटिक हैं।
- डायबिटीज के लक्षणों की बात की जाए तो ज्यादा नींद आना थकावट होना सर में दर्द रहना चिड़चिड़ापन होना यह डायबिटीज के मुख्य लक्षण है।
- जरूरी है कि इंसान अपना वेट मैनेजमेंट करें अच्छी डाइट ले अच्छा खाना पीना खाए प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट इन सब का एक राइट अमाउंट का है। योगा करें एक्सरसाइज करें
डायबिटीज के मामलों में ये खतरनाक बढ़त देख, स्तिथि की गंभीरता का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। इसलिए अगर आप भी खुद को ब्लड शुगर जैसी खतरनाक बीमारी से बचाना चाहते हैं। तो ऐसे में जीवनशैली, खानपान और काम करने के तरीके में बदलाव की सख्त आवश्यकता हो सकती है।
