Gut - Bone Connection: महिलाओं की सेहत में मेनोपॉज एक ऐसा पड़ाव है, जिसके बाद शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। इन बदलावों का असर सिर्फ पीरियड्स और मूड पर नहीं पड़ता है, बल्कि हड्डियों की मजबूती भी प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं में बोन लॉस और फ्रैक्चर का जोखिम बढ़ने लगता है। लेकिन क्या हड्डियों की देखभाल सिर्फ मेनोपॉज (Menopause) के बाद शुरू करनी चाहिए? Dr. Pal के अनुसार, इसकी तैयारी काफी पहले से शुरू करना बेहतर है। आइए विस्तार से समझते हैं Gut और Bone का ये हेल्थ कनेक्शन...
Gut - Bone का हेल्थ कनेक्शन!
हर दिन बनती और टूटती हैं हड्डियां
Dr. Pal के मुताबिक हमारी हड्डियां कोई स्थिर ढांचा नहीं हैं। शरीर में हर दिन Bone Remodeling की प्रक्रिया चलती रहती है। इसमें दो तरह की कोशिकाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। Osteoblasts नई हड्डी बनाने का काम करते हैं, जबकि Osteoclasts पुरानी या क्षतिग्रस्त हड्डी को हटाते हैं। सामान्य स्थिति में दोनों के बीच संतुलन बना रहता है और इसी प्रक्रिया से हड्डियां खुद को लगातार रिपेयर करती रहती हैं।
इसमें समस्या तब शुरू होती है, जब हड्डी टूटने की प्रक्रिया उसके निर्माण से तेज हो जाती है। उम्र बढ़ने और खासकर मेनोपॉज के आसपास होने वाले हार्मोनल बदलाव इस संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं।
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क्या है Gut-Bone Connection?
हड्डियों की सेहत की कहानी सिर्फ Calcium और Vitamin D तक सीमित नहीं है। आंत और हड्डियों के बीच संबंध को Gut-Bone Axis कहा जाता है। आंत में मौजूद माइक्रोबायोम खाने के कुछ घटकों को ऐसे पदार्थों में बदलता है, जिनमें Short-Chain Fatty Acids (SCFAs) भी शामिल हैं। ये शरीर में कई जैविक प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकते हैं और Calcium जैसे न्यट्रीएंट के अवशोषण तथा हड्डियों के मेटाबॉलिज्म से उनका संबंध शोध का महत्वपूर्ण विषय है। यानी आपकी प्लेट में मौजूद भोजन सिर्फ पेट भरने का काम नहीं करता, बल्कि आपकी हड्डियों की सेहत से भी जुड़ा हो सकता है।
मेनोपॉज के बाद क्यों बढ़ता है खतरा?
मेनोपॉज के आसपास Estrogen का स्तर कम होने लगता है। Estrogen हड्डियों के निर्माण और टूटने के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसका स्तर घटने पर Bone Resorption यानी पुरानी हड्डी के टूटने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। यही कारण है कि मेनोपॉज के बाद Bone Density में कमी का जोखिम बढ़ जाता है।
हालांकि हर महिला में हड्डियों की कमजोरी एक जैसी हो ये जरूरी नहीं है। इसमें उम्र, फैमिली हिस्ट्री, न्यूट्रीशन, फिजिकल एक्टिविटी, शरीर का वजन और अन्य हेल्थ फैक्टर भी भूमिका निभाते हैं।
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कब शुरू करें Healthy Bone की तैयारी
Dr. Pal के मुताबिक, हड्डियों को मजबूत रखने के लिए सिर्फ दूध पर निर्भर रहना काफी नहीं है। बैलेंस डाइट में पर्याप्त Protein, Calcium, Vitamin D और Fibre शामिल करना जरूरी है। फाइबर से भरपूर फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और अन्य पौध-आधारित खाद्य पदार्थ Gut Health के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। इसके साथ Strength Training और वेट लिफ्टिंग भी बेहद असरदार साबित होते हैं। नियमित फिजिकल एक्टिविटी भी मांसपेशियों को मजबूत बनाने के साथ हड्डियों पर जरूरी मैकेनिकल लोड डालती है।
इसलिए Bone Health की चिंता मेनोपॉज के बाद शुरू करने के बजाय आज से शुरू करें। अच्छी डाइट, नियमित एक्सरसाइज और पर्याप्त पोषण आपकी उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की सेहत को बेहतर बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकते हैं।
