Breast Cancer in Male: ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं के लिए एक जानलेवा बीमारी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पुरुषों में भी ये खतरा कम नहीं होता। इस कैंसर की जानकारी न होने के कारण ये और भी खतरनाक हो जाता है। जब इसकी जानकारी मिलती है तो ये एडवासं स्टेज में पहुंच चुका होता है। इसलिए आपको यह जानना और समझना जरूरी है कि ब्रेस्ट कैंसर महिला और पुरुष किसी को भी हो सकता है। गौरतलब है कि हर साल 19 नवंबर को इंटरनेशनल मेन्स डे मनाया जाता है। ऐसे में जानिए पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण।
Breast Cancer in Men
पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा बुढ़ापे खासकर 60 साल से अधिक उम्र के लोगों में होता है। इसके लक्षण तब नजर नहीं आते जब ट्यूमर छोटा होता है। इसलिए इस कैंसर को पहचाना मुश्किल भरा होता है। पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के कई कारण हो सकते हैं। ये अनुवांशिक हो सकता है, जैसे माता-पिता से मिले असामान्य जीन पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं। इसके अलावा यदि आपको लिवर की बीमारी जैसे सोराइसिस हैं तो इससे हार्मोन की कमी हो सकती है। इससे भी ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
ऐसे पाएं ब्रेस्ट कैंसर से छुटकारा
पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर की पहचान मैमोग्राम,अल्ट्रासाउंड और ऊतक के नमूनों की बायोप्सी करा कर की जाती है। इसके अलावा कैंसर के ट्रीटमेंट के लिए सर्जरी, रेडिएशन, कीमोथेरेपी आदि के जरिए भी इसका ट्रीटमेंट हो सकता है। ब्रेस्ट कैंसर के लिए सर्जिकल प्रक्रिया में मास्केटॉमी होती है, जिसमें निप्पल और एरोला पूरे स्तन ऊतक को हटाया जाता है। लिम्फ नोड बायोपसी में लिम्फ नोड की पहचान होती है, जहां से कैंसर फैलने का खतरा होता है। कैंसर पाए जाने बाद लिम्फ नोड्स टेस्ट के लिए हटा दिए जाते हैं।
कैंसर सेंटर के शोध में पाया गया कि देश में ब्रेस्ट कैंसर के 1,752 मामलों में से 2005 से 2014 के बीच 18 मामलों में पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर देखने को मिला। महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में स्तन उत्तक बहुत कम विकसित होते हैं।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता।)
