Infant Protection Day: मां बनने के बाद एक महिला के जीवन में कई तरह के बदलाव आते हैं। दिनचर्या बदलने से लेकर रात की नींद उड़ने तक, एक नई मां को बहुत कुछ नया देखने को मिलता है। हालांकि, इन सबके बावजूद मां बनने के बाद जिस सुख की अनुभूति होती है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। अक्सर आपने लोगों को कहते हुए सुना होगा कि बच्चों की एक मुस्कान को देखकर दिनभर की थकान दूर हो जाती है। हालांकि, बच्चों की इस मुस्कुराहट को बनाए रखना आसान नहीं होता है। इसके लिए बच्चों की साफ-सफाई से लेकर खान-पान तक का विशेष ध्यान रखना होता है। तो चलिए जानते हैं शिशुओं का ध्यान रखने के कुछ काम के टिप्स के बारे में-
शिशुओं की देखभाल के लिए अपनाएं ये टिप्स
ब्रेस्टफीड
बच्चों की सुरक्षा और देखभाल के लिए ब्रेस्टफीड बेहद अहम होता है। कई बार मेडिकल कंडीशन की वजह से, तो कभी मांओं की फिजिक कॉन्शियसनेंस की वजह से बच्चों को उचित समय तक मां का दूध नहीं मिल पाता है, जो बच्चों की सेहत के लिए बहुत खतरनाक साबित होता है।
हैंडलिंग
शिशु को पकड़ने का भी एक सही तरीका होता है। बच्चों को गोद में लेने के लिए सबसे पहले अपने हाथ धो लें अथवा सैनिटाइज कर लें। ताकि बच्चों को संक्रमण का खतरा न हो। इसके अलावा बच्चों को हमेशा गर्दन के नीचे और पीठ के नीचे हाथ रखकर पकड़ें।
नींद
बच्चों को ऊर्जा के लिए भरपूर नींद की जरूरत होती है। अच्छी नींद बच्चों को मामूली बीमारी से बचाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी मदद करती है। ऐसे में नवजात शिशुओं को पीठ के बल सुलाएं, पेट या बाजू पर नहीं। ध्यान रखें कि, बच्चे का बिस्तर आरामदायक।
नहलाना
बच्चों को नहलाना जरूरी होता है, लेकिन उसे सीधे पानी के संपर्क में न लेकर जाए। इसके लिए आप किसी नर्म कपड़े को पानी में डुबोकर उसको हल्के हाथ से पोछ सकते हैं। जब तक बच्चों की गर्भनाल ठीक न हो, तब तक नहलाने से परहेज ही करें। साथ ही अपने डॉक्टर से भी संपर्क करें।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
