प्रोस्टेट कैंसर के बारे में जानने से पहले ये जानना जरूरी है कि प्रोस्टेट क्या है। पुरुषों के पेट के निचले हिस्से में अखरोट के आकार का ये ग्लैंड होता है जिसे प्रोस्टेट ग्लैंड कहते हैं। ये पुरुषों के रिप्रोडक्टिव सिस्टम का ही हिस्सा है। इस ग्रन्थि में जब कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं तो इसी को कैंसर कहते हैं। कई बार तो इसके लक्षण भी नहीं पता चल पाते और ये बढ़कर शरीर के अन्य हिस्सों में फैलने लगता है।
इस बीमारी के अधिकतर मामले 50 साल से अधिक उम्र वाले लोगों में देखे जाते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि प्रोस्टेट कैंसर युवा पुरुषों को भी प्रभावित कर सकता है। सितंबर 2021 तक के उपलब्ध आंकड़ों के हिसाब से प्रोस्टेट कैंसर भारत में पुरुषों में दूसरा सबसे आम कैंसर बन गया है। आइए इससे जुड़े सवालों और उनके जवाबों पर नजर डालते हैं।
सवाल: प्रोस्टेट कैंसर क्या है?
जवाब: यह पुरुषों की प्रोस्टेट ग्लैंड में होने वाला एक प्रकार का कैंसर है। प्रोस्टेट एक ग्लैंड है जो स्पर्म फ्लूइड बनाने का काम करता है, इसकी कोशिकाएं जब अनियंत्रित और असामान्य तरीके से बढ़ने लगती हैं तो इसे ही प्रोस्टेट कैंसर कहा जाता है। प्रोस्टेट का आकर वैसे तो अखरोट के बराबर होता है लेकिन उम्र बढ़ने के साथ ये बढ़ भी सकता है और बढ़ती उम्र के साथ इसके कैंसर होने ही आशंका भी बढ़ने लगती है।
सवाल: प्रोस्टेट कैंसर क्यों होता है?
जवाब: प्रोस्टेट कैंसर होने का सबसे बड़ा कारण है उम्र। बढ़ती उम्र इस बीमारी का जोखिम बढ़ा देती है, इस बीमारी के ज्यादातर मामले 50 की उम्र के बाद देखे जाते हैं। इसके अलावा इसका जोखिम रेड मीट और ज्यादा फैट वाले डेयरी उत्पादों के ज्यादा सेवन से भी बढ़ता है। इसका एक कारण शराब और सिगरेट का सेवन भी है। कुछ स्टडीज इसका संबंध मोटापे से भी बताती हैं।
सवाल: प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण क्या हैं?
जवाब: पेशाब करने में कठिनाई होना, रात के समय बार-बार पेशाब लगना, कमर और पीठ में दर्द जैसे लक्षण प्रोस्टेट कैंसर का संकेत हो सकते हैं।
सवाल: प्रोस्टेट कैंसर की जांच कैसे होती है?
जवाब: प्रोस्टेट कैंसर का पता लगाने के लिए कोई एक जांच नहीं है। इसके जो मुख्य तरीके हैं वह दिए जा रहे हैं।
• प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन ब्लड टेस्ट में प्रोस्टेट द्वारा बनाए गए प्रोटीन का लेवल नापा जाता है।
• बायोप्सी में प्रोस्टेट से टिशू का एक छोटा टुकड़ा निकाला जाता है, जिसकी जांच करके कैंसर का पता लगाया जाता है।
सवाल: प्रोस्टेट कैंसर से कैसे बचें?
जवाब: अधिक वजन या मोटापे से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। यदि आपका वजन ज्यादा है, तो आप कैलोरी कम करने और अधिक व्यायाम करने का प्रयास कर सकते हैं। कम फैट वाला आहार खाएं जिसमें भरपूर मात्रा में फल, सब्जियां और अनाज शामिल हों। नियमित व्यायाम करें और सिगरेट-शराब की लत छोड़ दें। कॉफी पिएं, दिन में 4-5 कप कॉफी पीने प्रोस्टेट कैंसर का खतरा कम हो सकता है।
सवाल: प्रोस्टेट कैंसर का इलाज कैसे होता है?
जवाब: प्रोस्टेट कैंसर का इलाज करने के कई तरीके हैं, जिनमें सबसे आम इलाज सर्जरी है। इसमें प्रोस्टेट ग्रंथि और आस-पास के टिशू को हटा दिया जाता है। इसके अलावा रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी, ब्रैकीथेरेपी का भी सहारा लिया जाता है। रेडियोथेरेपी में एक्स-रे के जरिए ट्यूमर को नष्ट किया जाता है। कीमोथेरेपी में कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है और ब्रैकीथेरेपी में रेडिएशन के सोर्स को सीधे शरीर के अंदर, ट्यूमर के पास रखा जाता है। प्रोस्टेट कैंसर की पहचान अगर शुरुआत में हो जाती है तो इसके इलाज में सर्जरी की आवश्यकता नहीं पड़ती।
डिस्क्लेमर: इस लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
