Health News Today in Hindi: सेहत के क्षेत्र में रोज नए-नए बदलाव होते रहते हैं। लेकिन आम लोगों को इनके बारे में कभी पता नहीं चल पाता है। वे हेल्थ, फिटनेस और शारीरिक कल्याण से जुड़ी जानकारियों ले अनजान रहते हैं। इसकी वजह से वे स्वास्थ्य के क्षेत्र में उठाए जा रहे नए कदम और योजनाओं भी अनजान रहते हैं। ऐसे में कई बार वे स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिलने वाले लाभ भी प्राप्त नहीं कर पाते हैं। आमतौर पर हेल्थ से जुड़ी कोई भी जानकारी के लिए सीधे इंटरनेट पर खोजते हैं, जहां उन्हें सभी जरूरी जानकारियां नहीं मिल पाती हैं। ऐसे में लोगों तक स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां पहुंचाने के लिए एक हमने यह हेल्थ बुलेटिन शुरू किया है, जहां हम आपको एक ही जगह सभी जरूरी जानकारियां देंगे। इस लेख में जानें हेल्थ से जुड़ी आज की ताजा खबरें और नॉलेज।
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ब्रिटेन के वैज्ञानिक ने दी अगली महामारी की चेतावनी
ब्रिटेन के पूर्व मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार सर पैट्रिक वालेंस ने लोगों को चिंताएं बढ़ा दी हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि जल्द ही एक और महामारी आने वाली है, जिसका आना निश्चित है। अगली महामारी से निपटने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पहले से तैयारियां शुरू कर दी हैं। पैट्रिक वालेंस का कहना है कि आने वाली महामारी को टाला नहीं जा सकता है, इससे बचाव के लिए सरकार को अभी से तैयारियों पर ध्यान देने की जरूरत है। अगर इस महामारी से बचना है, तो तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। सरकार को उभरते हुए खतरे को जल्द-जल्द से पहचानने के लिए बेहतर मोनिटरिंग सिस्टम स्थापित करना होगा।
राजस्थान पुलिस ने दी लू को लेकर सलाह
राजस्थान में तापमान 50 डिग्री पार पहुंच चुका है। यहां गर्म हवाओं लोगों को खूब बीमार बना रही हैं। बढ़ती गर्मी और लू के कहर को देखते हुए राजस्थान पुलिस ने धधकती गर्मी में स्वस्थ रहने के लिए जरूरी सावधानियां शेयर की हैं। उन्होंने ट्विटर पर लू से बचाव के लिए कुछ सरल टिप्स शेयर किए हैं। इनमें हाइड्रेट रहना, मीठी ड्रिंक्स से परहेज, हल्के कपड़े पहनना, धूप से बचना, घर में रहना, खिड़की-दरवाजे बंद रखना, घर का तापमान बनाए रखना आदि शामि लें। राजस्थान पुलिस के अनुसार अगर कोई व्यक्ति गर्म हवाओं की चपेट में आ जाता है, तो ऐसे में तुरंत डॉक्टर पास जाएं या 811 कर पर कॉल करें। इस तरह आप तपती-जलती के कारण होने वाले नुकसान से बच सकते हैं।
पैकेज्ड फूड और ड्रिंक्स में चीनी को लेकर ICMR ने दिया नई गाइडलाइन्स का प्रस्ताव
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने अब डिब्बा बंद फूड और मीठे ड्रिंक्स में प्रयोग की जाने वाली चीनी की मात्रा को लेकर नई गाई गाइडलाइन शेयर की है। ICMR के अनुसार इन फूड्स में चीनी के अधिक प्रयोग पर लगाम लगाने की जरूरत है। इन फूड्स की वजह से व्यक्ति का वजन बढ़ता है। साथ ही, शरीर में डायबिटीज जैसे रोग पैदा होते हैं। जिन लोगों को पहले से शुगर है, यह उनकी परेशानी अधिक बढ़ा सकते हैं। ICMR का सुझाव है कि ठोस फूड में अतिरिक्त चीनी 5 प्रतिशत और कुल चीनी 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। इससे अतिरिक्त चीनी की खपत को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।
क्या है PET Scan जिसके लिए केजरीवाल मांग रहे थे कोर्ट से मोहलत
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट हाल ही में अंतरिम जमानत बढ़ाने की मांग की थी। उन्होंने तर्क दिया था कि गिरफ्तारी के बाद उनका वजन 7 किलो तक वजन घट गया था। ऐसे में उन्होंने अपनी सेहत की जांच के लिए पीईटी-सीटी कराने की मांग की थी। इसके लिए उन्होंने 7 दिन अतिरिक्त अंतरिम जमानत की मांग की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी मांग को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। आपको बदा दें पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (PET) स्कैन एक इमेजिंग टेस्ट है, जिसका सुझाव डॉक्टर तब देते हैं, जब व्यक्ति के शरीर में अन्य बीमारियों की जांच की आवश्यकता होती है। इस टेस्ट में विभिन्न बीमारियों का पता लगाने के लिए रेडियोट्रेसर का उपयोग किया जाता है। इसकी मदद से शरीर में ट्यूमर, हृदय रोग, मानसिक रोग और अन्य स्थितियों का पताया लगाया जाता है।
पार्किंसंस रोगियों के फायदेमंद हो सकता है कैफीन का सेवन
तुर्कू विश्वविद्यालय और तुर्कू अस्पताल द्वारा किए गए एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है, अगर पपार्किंसंस रोगियों रोगियों के लिए नियमित कैफीन का सेवन बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। यह पार्किंसंस रोगियों में मस्तिष्क में डोपामाइन फंक्शन को को प्रभावित करता है। अध्ययन में शोधकर्ताओं द्वारा पार्किंसंस रोग में डोपामाइन हार्मोन की कार्यक्षमता और क्लीनिकल लक्षणों पर डाइट्री कैफीन के प्रभावों की जांच की। निष्कर्ष बताते हैं कि कैफीन का सीमित मात्रा में सेवन पार्किंसंस रोगियों की मानसिक स्थिति में सुधार कर सकता है। हालांकि, इसकी पुष्टि के लिए अधिक अध्ययन की आवश्यकता है।
Low Fat Diet कम कर सकती है फेफड़ों के कैंसर का खतरा
संयुक्त राज्य अमेरिका में वृद्ध वयस्कों के एक बड़े अध्ययन से पता चला है कि इससे फेफड़ों के कैंसर का खतरा कम हो सकता है। यह धूम्रपान करने वाले लोगों के लिए और भी अधिक लाभकारी साबित हो सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि फेफड़ों के कैंसर के विकास में स्मोकिंग की लत बहुत योगदान देती है, लेकिन जीवनशैली कारकों आमतौर पर नजरअंदाज किया जाता है। लेकिन स्वस्थ जीवनशैली के साथ फेफड़ों के कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।
