Green Tea Vs Black Tea: आज पूरी दुनिया भर में ज्यादातर लोग मोटापे और आलस का शिकार होते जा रहे हैं। वेट लॉस और दूसरी समस्याओं से राहत पाने के लिए लोग कई तरह की ड्रिंक्स का भी इस्तेमाल करने लगे हैं। इनमें सबसे कॉमन ग्रीन और ब्लैक टी हैं। मार्केट में नई-नई तरह की ग्रीन टी और ब्लैक कॉफी आ रही हैं। बता दें कि ग्रीन टी और ब्लैक टी के कई फायदे तो कई सारे नुकसान भी होते हैं। ऐसे में हेल्थ को ध्यान में रखते हुए हमें कोई भी विकल्प चुनने से पहले कुछ चीजों को जान लेना चाहिए। ग्रीन टी और ब्लैक टी के फायदे और नुकसान का सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है। तो आइये आपको डिटेल में बताते हैं कि इस ग्रीन टी और ब्लैक टी में क्या अंतर है और इन दोनों में से कौन सी चाय आपके स्वास्थ के लिए फायदेमंद है।
Green Tea Vs Black Tea
क्या है ग्रीन और ब्लैक टी?
सबसे पहले तो ग्रीन टी और ब्लैक टी में अंतर इसके नाम से ही समझ आ जाता है। ग्रीन टी गर्म पानी में मिलाने पर हरे रंग और ब्लैक टी काले रंग की दिखाई देती है। ये दोनों ही चाय कैमिलिया सिनेंसिस प्लांट की पत्तियों से बनाई जाती है। ग्रीन टी की पत्तियां फर्मेंटेड नहीं होती हैं और इन पत्तियों को ऑक्सिडेशन प्रक्रिया से भी नहीं निकाला जाता है। वहीं, ब्लैक टी की बात करें तो इसके लिए पत्तियों को पहले सूखने के लिए छोड़ दिया जाता है और उसके बाद ऑक्सीकरण प्रक्रिया को तेज करने के लिए सीधे हवा के संपर्क में रखा जाता है। ऐसा करने से ये अपने काले रंग को अपना लेती है।
जानें, ग्रीन टी और ब्लैक टी के बीच का मुख्य अंतर
- ग्रीन टी और ब्लैक टी में सबसे प्रमुख अंतर है कि ब्लैक टी में कैफीन की मात्रा अधिक पायी जाती है, इसके मुकाबले ग्रीन टी में कैफीन के मात्रा काम पायी जाती है।
- मार्केट रेट के अनुसार ग्रीन टी अधिक महंगी होती है जबकि इसके मुकाबले ब्लैक टी सस्ते दामों में उपलब्ध हो जाती है।
- ब्लैक टी में एसिड की मात्रा अधिक पायी जाती है जबकि ग्रीन टी में इसकी मात्रा काम पायी जाती है।
- ग्रीन टी नॉन-ऑक्सीडाइज्ड होती है जबकि ब्लैक टी ऑक्सीडाइज्ड होती है।
ग्रीन टी पीने के फायदे
ग्रीन टी पीने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है। यह वजन घटाने में काफी फायदेमंद साबित होता है। इसे दालचीनी के साथ मिलाकर पीने से नेचुरल तरीके से वजन कम होता है। हल्दी में एंटी बायोटिक और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते है। जो शरीर में वजन को घटाने में मदद करते हैं। खाली पेट हल्दी को ग्रीन टी में मिलाकर पीने नेचुरली वेट लॉस होता है। ग्रीन टी में कई प्रकार की हब्र्स मिली होती हैं जो सेहत के लिए अच्छी होती है। यह बॉडी के कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने में मदद मिलती है। यह दिल से संबंधित बीमारियों में भी फायदा पहुंचाती है। लिवर के लिए भी बहुत लाभकारी है। इससे गंदे कोलेस्ट्रॉल का लेवल भी घटता है। अगर इसे रोजाना पिया जाए तो शरीर से बैड कोलेस्ट्रॉल को कम होता है और साथ में इम्यूनिटी सिस्टम भी सही होने में मदद मिलती है।
ग्रीन टी पीने के नुकसान
ग्रीन टी पीने से सेहत को कई फायदे मिलते हैं, हालांकि इसे भी हद से ज्यादा पीने से नुकसान हो जाता है। रोजाना 3 से 4 कप से ज्यादा ग्रीन टी नहीं पीनी चाहिए। इसका सेवन ज्यादा करने से लीवर में समस्याएं होती है। रात को सोने से पहले ग्रीन टी का सेवन न करें इससे नींद आने में दिक्कत होती है। कई लोग सुबह खाली पेट ग्रीन टी पीते हैं जो हेल्थ के लिए अच्छी नहीं होती है। यदि आप वजन घटाने के लिए ग्रीन टी का सेवन कर रहे हैं, तो आपको कम मात्रा में ही करें। इसमें टैनिन होता है जो आपके पेट में एसिड की मात्रा बढ़ा सकता है।
ब्लैक टी पीने के फायदे
ब्लैक टी पीने के कई सारे फायदे हैं। अगर आप इसका सेवन रोजाना करते हैं, तो हाई ब्लड प्रेशर , हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा सहित के कई बीमारियों से बच सकते हैं। इससे इम्यूनिटी भी स्ट्रॉन्ग होती है और वायरल बीमारियों से आप बच सकते हैं। इसमें कैफीन के साथ-साथ एंटीऑक्सीडेंट भी होती हैं।
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के चलते ब्लैक टी हार्ट से लेकर आंत और डायबिटीज तक की समस्या में मदद करती है। इसमें जरूरी पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को फायदा पहुंचाते हैं। इसके साथ ही सुबह ब्लैक टी पीने से ताजा महसूस किया जा सकता है।
ब्लैक टी पीने के नुकसान
ब्लैक टी में कैफीन की ज्यादा मात्रा होने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है। हाई ब्लड प्रेशर किडनी की बीमारी का रिस्क बढ़ाता है। कैफीन वाली चीजें किडनी के लिए नुकसानदायक होती है। इसमें मिलने वाला ऑक्सलेट सबसे ज्यादा कीडनी को नुकसान पहुंचाता है। इसमें ऑक्सालेट होती है जो ऑक्सालेट कैल्शियम से जुड़ते हैं और क्रिस्टल बना देते हैं जिससे किडनी में पथरी होने का खतरा रहता है। इसीलिए किडनी की सेहत के लिए ख्याल रखने के लिए ब्लैक टी ज्यादा नहीं पीनी चाहिए। इसे ज्यादा पीने से और भी कई तरह के साइड इफेक्ट्स होते हैं।
