eye care tips for kids: सर्दी का मौसम चल रहा है और ऐसी भीषण सर्दियां और पर्यावरण आपके बच्चे की आंखों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। आंखें शरीर के सबसे संवेदनशील अंगो में से एक हैं और शरीर के किसी भी अन्य अंगों की तरह आपके बच्चे की नाजुक आंखों को भी विशेष देखभाल की जरूरत होती है। बच्चों को आंखों की एलर्जी और शोथ होने का खतरा ज्यादा होता है जैसे आंखें लाल पड़ना, ड्राई आई, आंखों में पानी आना आदि। साथ ही सर्दी के मौसम में नेत्रश्लेष्मलाशोथ (कंजंक्टिवाइटिस) जैसे वायरल संक्रमण बहुत आम होते हैं और बच्चे बहुत जल्दी इसकी चपेट में आ जाते हैं।
इस सर्दी के मौसम में अपने बच्चे की आंखों की देखभाल कैसे करना है - इसके बारे में जानें संकरा आई हॉस्पिटल, कानपुर के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शरद कुमार मिश्रा से
1. आंखों की पलकों को ज्यादा बार झपकाएं
प्रत्येक माता-पिता को इस बात का बहुत ध्यान देना चाहिए कि बच्चे आंखों की पलकें ज्यादा बार झपकाएं खासकर जब वे टीवी/स्मार्टफोन देख रहे हों। उन्हें टीवी/ स्मार्टफोन देखना कम करने के लिए प्रोत्साहित करें। इसके अलावा, यह सुनिश्चित करें कि आप अपने बच्चे को ज्यादा बार पलकें झपकाने के लिए कहें क्योंकि ऐसा करने से सर्दियों के दौरान आंखें कम सूखती हैं।
2. पर्याप्त मात्रा में पानी पियें
ज्यादा मात्रा में पानी पीने से आपको न केवल गर्म रहने में मदद मिलेगी बल्कि आपके शरीर में पानी की कमी भी नहीं होगी। पानी का नियमित सेवन आपके शरीर को साफ करता है और आंखों के तनाव को कम करने में भी मदद करता है। इसलिए सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा हर मौसम में पर्याप्त पानी पिये चाहे सर्दी हो या गर्मी।
3. बाहर निकलते समय अपनी आंखों की सुरक्षा करें
सर्दियों में ज्यादा तेज धूप नहीं लगती है लेकिन सर्दियों में भी यूवी इंडेक्स उतना ही हो सकता है जितना कि गर्मियों में होता है। इसलिए सुनिश्चित करें कि बाहर निकलते समय आप अपने बच्चों की आँखों को सुरक्षित रखें। बर्फ से परावर्तित होकर आने वाली धूप से आँखें जल सकती हैं, इसलिए बाहर जाते समय अपने बच्चे की आँखों को ढकने के लिए सुरक्षात्मक चश्मे का उपयोग करें। यह स्मॉग जैसे वायु प्रदूषकों से भी उनकी आंखों का बचाव करेगा।
4. हमेशा अपने पास आई ड्रॉप्स रखें
सर्दियों का मौसम कई बार कठोर होता है और यह अक्सर ड्राई आई का कारण बनता है। ड्राई आई के कुछ लक्षणों में आँखों में जलन, खुजली और दर्द होना शामिल हैं। यदि आपको अपने बच्चे की आंखों में इनमें से कोई भी लक्षण नज़र आए तो केवल डॉक्टर द्वारा बताए गए आई ड्रॉप्स का उपयोग करें। यदि ये लक्षण बढ़ जाएं तो तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें।
5. अपनी स्वच्छता बनाए रखें
संक्रमण को दूर रखने के लिए साफ-सफाई और स्वच्छता बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है। आंखों को बार-बार छूने से बचें और आँखों को मले नहीं। इससे आँखों में सूखापन हो सकता है और अगर उचित देखभाल न की जाए तो गंभीर संक्रमण भी हो सकता है।
यदि आपको अपने बच्चे की आंखों में संक्रमण का कोई भी लक्षण दिखाई दे जैसे आँखें लाल पड़ना, खुजली, जलन, सूजन होना और धुंधला नज़र आना, तो तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श करें। ऐसे में सबसे महत्वपूर्ण है कि आप अपने-आप दवा / ओवर-द-काउंटर दवा लेने से बचें क्योंकि इससे हालत ज्यादा बिगड़ सकती है।
