Nipah Virus kerala: केरल में इस खतरनाक वायरस से हुई युवक की मौत, जानें क्या हैं लक्षण और बचाव के उपाय

Nipah Virus kerala: केरल में एक बार फिर से एक खतरनाक वायरस ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। जिसके चलते एक 24 साल के युवक की मौत हो गई है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि युवक मलप्पुरम जिले का रहने वाला था। आइए जानते हैं इस खबर के बारे में विस्तार से...

Nipah Virus in kerala News Today:केरल में हर बार कोई न कोई वायरस अपना कहर बरपाने के लिए आ ही जाता है। वहीं देश में ज्यादातर वायरस की बात करें तो वह केरल के रास्ते ही देश में प्रवेश लेते हैं। वहीं हाल ही में सामने आई एक खबर के मुताबिक केरल के मलप्पुरम जिले में बीते रविवार को एक शख्स की निपाह वायरस के चलते मौत हो गई है। इस मरीज की उम्र महज 24 साल बताई जा रही है। इसकी इलाज जिले के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। केरल सरकार का स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने इस मृत्यु की जानकारी देते हुए कहा कि केरल के मलप्पुरम जिले में एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निपाह वायरस के संक्रमण के चलते एक मरीज को अपनी जान गंवानी पड़ी है। आइए जानते हैं क्या है ये वायरस और कैसे करें इससे बचाव?

nipah virus in kerala

क्या है निपाह वायरस? (What is Nipah Virus in Hindi)

विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO की मानें तो निपाह एक जूनोटिक वायरस है। जो जानवरों से इंसानों में फैलता है। कई बार तो यह वायरस जानवर के सीधे संपर्क में आने तो कई बार खाने पीने के संक्रमण से भी फैल सकता है। इस वायरस के पहले मामले की बात करें तो साल 1999 में इसका पहला मामला मलेशिया के एक गांव सुनगई निपाह से सामने आया था। निपाह नाम के गांव में मिलने के कारण इस वायरस का नाम 'निपाह' पड़ा है।

निपाह वायरस के लक्षण - Nipah Virus Symptoms

  • सांस लेने में कठिनाई होना।
  • तेज बुखार आना।
  • ध्यान का भटकाव होना।
  • सिर में गंभीर दर्द होना।
  • गंभीर संक्रमण में कोमा की स्थिति।
  • बहुत अधिक थकान महसूस होना।

निपाह से बचाव के उपाय - How to Prevent from Nipah Virus

  1. संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने से बचें।
  2. चमगादड़ और सूअर के सीधे संपर्क में न आएं।
  3. इसके अलावा जंगल में पेड़ से गिरे फलों को न खाएं।
  4. बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करें
  5. किसी भी तरह का लक्षण महसूस होते ही डॉक्टर से संपर्क करें।
नोट : निपाह के संक्रमण की बात करें तो इससे बचाव के लिए अभी तक कोई वैक्सीन का निर्माण नहीं किया जा सका है। इसलिए इससे सावधान रहना ही इस वायरस से बचाव का एकमात्र उपाय है।

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