पिछले कुछ सप्ताह में कोविड के नए वैरिएंट की बात सामने आई है। दिसंबर में एक बार फिर से कोविड संक्रमण में तेजी के बाद हालात सुधर रहे थे। ऐसे में कोविड का यह नया वेरिएंट मुश्किलें पैदा कर सकता है। कोविड के इस नए वैरिएंट को वैज्ञानिकों ने FLiRT नाम दिया है। कोविड के इस नए वैरिएंट के कुछ गंभीर फीचर्स हैं जैसे स्पाइक प्रोटीन में बदलाव, जो COVID-19 के मूल कारण SARS-CoV-2 वायरस को शरीर में पैदा करता है। फिलहाल कोविड का यह वेरिएंट अमेरिका के कुछ हिस्सों में लोगों के अंदर पाया गया है।
COVID का नया वेरिएंट - FLiRT
अमेरिका के बफ़ेलो यूनिवर्सिटी में जैकब्स स्कूल ऑफ मेडिसिन एंड बायोमेडिकल साइंसेज में संक्रामक रोग के प्रमुख थॉमस ए रूसो कहते हैं कि, 'हमारे पास कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों की बड़ी आबादी है,जिससे ये नया वैरिएंट चिंता का सबब बन सकता है।'
आंकड़े बताते हैं कि जिन लोगों ने COVID बूस्टर लिया है उनमें से कई लोगो दोबारा से इस वायरस की चपेट में आए थे। तो बूस्टर डोज लेने वाले भी FLiRT के संक्रमण से सुरक्षित नहीं रहेंगे। हार्वर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा इस सप्ताह जारी एक स्टडी में इस बात के पुख्ता सबूत दिखाता है कि नवीनतम बूस्टर कोविड के नए वैरिएंट्स पर ठीक से काम नहीं कर रहा है। JN1 वैरिएंट के साथ ऐसा देखा जा चुका है। इस कारण से भी कोविड का यह नया वेरिएंट खतरनाक हो सकता है।
पिछले कुछ सालों में एक समान पैटर्न पर कोविड के संक्रमण में इजाफा देखने को मिल रहे हैं। जैसे सर्दियों में कोविड संक्रमण ऊपर रहता है और उसके बाद गर्मियों में भी इसका खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में इसके संक्रमण की बढ़ोत्तरी का प्रमुख कारण वातानुकूलित माहौल में रहना है। थॉमस ए रूसो का मानना है कि ऊपर बताए गए कारकों को देखते हुए उन्हें डर है कि कहीं इस गर्मी फिर से कोविड की नई लहर देखने को मिल सकती है।
