Health Tips in Hindi : खराब जीवनशैली और गलत खान-पान के कारण कई बीमारियां होती हैं। गलत खान-पान से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है। जब आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है तो हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। कोलेस्ट्रॉल मूलतः दो प्रकार का होता है। इनमें हाई डेंसिटी वाले लिपोप्रोटीन (HDL) और खराब कोलेस्ट्रॉल, लो डेंसिटी वाले लिपोप्रोटीन (LDL) शामिल हैं।
हाई कोलेस्ट्रॉल कितना होता है? (Image: Canva)
कोलेस्ट्रॉल क्या है?
कोलेस्ट्रॉल एक प्रकार का फैट है जो लिवर द्वारा बनाया होता है। जब शरीर में फैटी भोजन, जंक फूड का सेवन अधिक मात्रा में किया जाता है तो ये नसों में जमा हो जाते हैं। इससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन ठीक से काम नहीं करता है। इससे हृदय में ब्लड की आपूर्ति कम हो जाती है और दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
LDL का खतरनाक स्तर?
एलडीएल या खराब कोलेस्ट्रॉल 100 मिलीग्राम/डीएल से कम होना चाहिए। अगर इसमें बढ़ोतरी होती है तो सावधान रहने की जरूरत है। 130 mg/dL या इससे अधिक के कोलेस्ट्रॉल स्तर को सीमा रेखा माना जाता है। यदि यह 190 mg/dL से अधिक है, तो इसे बहुत खतरनाक माना जाता है। ऐसे में कोलेस्ट्रॉल हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा देता है।
शरीर में कितना HDL होना चाहिए?
मानव शरीर में एचडीएल का कम होता स्तर अच्छा नहीं है। शरीर में एचडीएल का स्तर 60 मिलीग्राम/डीएल या इससे अधिक होना चाहिए। 40 मिलीग्राम/डीएल या उससे कम का स्तर बहुत कम माना जाता है।
शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने का क्या कारण है?
खराब कोलेस्ट्रॉल तेजी से बढ़ने के दो कारण हैं। पहला गलत खान-पान और दूसरा शारीरिक गतिविधियों की कमी। मूलतः हम दिन भर में जो कुछ भी खाते हैं उसे पचाने की आवश्यकता होती है। अगर ऐसा नहीं होता है तो शरीर में चर्बी बढ़ सकती है और कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है।
