मालदीव में आखिर क्या करते हैं भारत के 70 सैन्यकर्मी, इन्हें वापस क्यों भेजना चाहते हैं राष्ट्रपति मोइज्जू?

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Jan 16, 2024, 01:36 PM IST

India Maldives Row: पड़ोसी देशों के महत्व को समझते हुए और उनके साथ अपने रिश्ते को और मजबूत बनाने के लिए भारत सरकार ने अपनी 'नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी' शुरू की। इस नीति के तहत सबसे ज्यादा लाभान्वित होने वाले देशों में मालदीव भी शामिल है।

India Maldives Row: मालदीव से भारतीय सैनिकों की वापसी के लिए समय सीमा तय करने के बाद राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जू ने फिर बयान दिया है। मोइज्जू ने कहा कि सैनिकों की वापसी पर उन्हें भारत सरकार के निर्देशों का इंतजार है। चीन की यात्रा से लौटते ही मुइज्जू ने सैनिकों को वापस बुलाने के लिए भारत सरकार को 15 मार्च तक का समय दिया। उनके इस ताजा बयान पर भारत सरकार की अभी प्रतिक्रिया नहीं आई है। भारत सरकार क्या अपने सैनिकों को वापस बुलाने के बारे में फैसला करेगी? या उसका क्या रुख रहता है? इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।

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चीन से लौटने के बाद ज्यादा आक्रामक हुए हैं राष्ट्रपति मोइज्जू।

मालदीव में क्यों हैं भारतीय सैनिकों की मौजूदगी

पड़ोसी देशों के महत्व को समझते हुए और उनके साथ अपने रिश्ते को और मजबूत बनाने के लिए भारत सरकार ने अपनी 'नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी' शुरू की। इस नीति के तहत सबसे ज्यादा लाभान्वित होने वाले देशों में मालदीव भी शामिल है। हिंद महासागर में भारत की सामुद्रिक सीमा मालदीव से मिलती है। सागर को लेकर बनाई गई भारत सरकार की 'सागर' (सेक्युरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन) एवं 'नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी' जैसी योजनाओं में मालदीव विशेष महत्व रखता है।

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