क्या है USAID, कैसे करती है काम, फंडिंग पर क्यों मचा है बवाल? ट्रंप ने खड़े किए सवाल

How USAID works : USAID की स्थापना साल 1961 में राष्ट्रपति जॉन एफ केनेडी ने की। इसे बनाने का उद्देश्य अमेरिकी सरकार की सभी तरह की वित्तीय मदद देने वाली संस्थाओं और कार्यक्रमों को एक एजेंसी के अधीन लाना था। अपने गठन के बाद से यह एजेंसी दुनिया भर में स्वास्थ्य, शिक्षा, आपदा प्रबंधन, सामाजिक विकास, पर्यावरण सुरक्षा और शिक्षा के नाम पर फंड जारी करती आई है।

USAID यानी यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट की फंडिंग पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों पर भारत में सियासी बवाल मचा हुआ है। ट्रंप ने कहा है कि भारत में लोकसभा चुनाव के दौरान वोटरों की संख्या बढ़ाने के लिए इस एजेंसी ने भारत को 21 मिलियन डॉलर यानी 2.1 करोड़ डॉलर दिए। ट्रंप ने कहा कि ऐसा लगता है कि बाइडेन सरकार भारत में किसी और को चुनना चाहती थी। ट्रंप के इस दावे के बाद मीडिया से लेकर लोगों के बीच USAID की फंडिंग चर्चा का विषय बनी हुई है। ट्रंप के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस सहित विपक्ष पर आक्रामक हो गई और राहुल गांधी के बयानों को विदेशी दखल से जोड़ दिया। इस बीच, मीडिया का एक धड़ा यह बताने की कोशिश में लगा रहा कि 21 मिलियन डॉलर की यह फंडिंग भारत के लिए नहीं बल्कि बांग्लादेश के लिए थी।

USAID Funding

100 से ज्यादा देशों में सक्रिय रूप से काम करती है USAID।

भारत, बांग्लादेश को हुई अलग-अलग फंडिंग-ट्रंप

यह रकम नई दिल्ली नहीं बल्कि ढाका गई। लेकिन अगले दिन ही ट्रंप ने भारतीय मीडिया के इस दावे की हवा निकाल दी। अपने नए वीडियो में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि भारत और बांग्लादेश दोनों देशों के लिए फंडिंग अलग-अलग थी। USAID ने वोटरों का टर्न आउट बढ़ाने के लिए भारत को 21 मिलियन डॉलर और बांग्लादेश में राजनीतिक परिदृश्य मजबूत करने के लिए 29 मिलियन डॉलर दिए। इस वीडियो में ट्रंप ने पीएम मोदी का नाम भी लिया। ट्रंप के इस नए वीडियो के बाद फंडिंग पर जो एक भ्रम की स्थिति बनाने की कोशिश हुई है, जाहिर है उस पर अब दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है। USAID की विदेशी फंडिंग पर ट्रंप पहले ही रोक लगा चुके हैं लेकिन अब वह उसकी फंडिंग पर सवाल उठाते हुए अपने ही देश की इस एजेंसी को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। ट्रंप का मानना है कि USAID गैर-जरूरी चीजों में अमेरिका का बहुमूल्य डॉलर खर्च कर रहा है। इसे उन्होंने एक फिजूलखर्ची के रूप में लिया है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर USAID है क्या, यह क्या और कैसे काम करती है।

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