BPO सेंटर से चल रहा था हाईटेक धर्मांतरण रैकेट, साजिश ने उड़ाए होश, क्या है 'नासिक कन्वर्जन नेटवर्क' की इनसाइड स्टोरी?

Nashik Conversion Case: सबसे खास बात है कि अबतक गली-मोहल्लों से लेकर शिक्षण संस्थानों तक ही धर्मांतरण का रैकेट फैला था, लेकिन अवैध धर्मांतरण का ये नेटवर्क अब हाइटेक हो गया है । ये बहुत खतरनाक संकेत है।

Nashik Conversion Case: नासिक स्थित एक आइटी कंपनी में चल रहे यौन शोषण और धर्मांतरण की कोशिश के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बीपीओ कंपनी में जिस तरह से यौन शोषण और धर्मांतरण का खेल चल रहा था, वह अपने आप में बेहद चिंताजनक और होश उड़ाने वाला है। ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी कॉर्पोरेट कंपनी में धर्मांतरण रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। जिस तरह के खुलासे हुए हैं वो हिलाकर रख देने वाले हैं। ये मामला बताता है कि अब तक गली-मोहल्लों तक नजर आने वाला अवैध धर्मांतरण रैकेट कॉर्पोरेट कल्चर की शक्ल अख्तियार कर चुका है। क्या है ये पूरा मामला, किस साजिश और मानसिकता के साथ इसे अंजाम दिया जा रहा था, कॉरपोरेट कन्वर्जन नेटवर्क की इनसाइड स्टोरी को विस्तार से जानते हैं।

Nashik conversion

क्या है नासिक कन्वर्जन केस? (AI Image)

कन्वर्जन का नया रूप, नई साजिश

नासिक का मामला बताता है कि कन्वर्जन का नया रूप कितनी बड़ी साजिश का रूप ले चुका है। दरअसल, पकड़े गए आरोपी कार्पोरेट कल्चर वाले कट्टरपंथी हैं। सबसे खास बात है कि अबतक गली-मोहल्लों से लेकर शिक्षण संस्थानों तक ही धर्मांतरण का रैकेट फैला था, लेकिन अवैध धर्मांतरण का ये नेटवर्क अब हाइटेक हो गया है । ये बहुत खतरनाक संकेत है। कन्वर्जन ने कॉरपोरेट कल्चर की शक्ल लेने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। क्या ऑफिस में बैठे कट्टरपंथी सोच वाले कर्मचारी अब नया खतरा बन गए हैं? खास पहनावे वाले कट्टरपंथियों की जगह कोट-पैंट और टाई लगाए हाई टेक कट्टरपंथी लेने लगे हैं? बस पहनावा बदल गया है, लेकिन कट्टरपंथी सोच नहीं बदली है। इनका एकमात्र मंसूबा है लव जिहाद, प्रलोभन, ऑफिस में दोस्ती और मेन्टॉरशिप का फायदा उठाकर लोगों का धर्मांतरण कराना। ऐसे मामलों को पकड़ पाना जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती साबित होगा।

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