क्या है भारत-भूटान के बीच हाइड्रो पावर समझौता, जानिए कैसे दोस्ती को मजबूती देगी 1020 मेगावाट की यह परियोजना

भूटान में भारत के राजदूत संदीप आर्य ने मंगलवार को 1,020 मेगावाट की पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इससे भूटान के जलविद्युत उत्पादन में 40% की वृद्धि होगी और भारत को इससे बिजली का निर्यात होगा। इससे दोनों देशों की ऊर्जा साझेदारी मजबूत होगी। भारत को भी बिजली मिलेगी।

Punatsangchhu-II Hydroelectric Project: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान की राजकीय यात्रा पर गए हैं। पीएम दो दिनों की यात्रा पर हैं। पीएम मोदी वहां भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक के साथ 1,020 मेगावाट की पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना (Punatsangchhu-II Hydroelectric Project) का उद्घाटन करेंगे। पुनात्सांगछू नदी पर निर्मित इस परियोजना को भारत और भूटान द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। बड़ी बात ये कि इस परियोजना के लिए भारत ने फंडिंग दी है और साथ ही तकनीकी सहायता भी प्रदान की है।

BHUTAN INDIA PROJECT

क्या है भारत-भूटान के बीच हाइड्रो पावर समझौता? (फोटो: फेसबुक/PHPA2)

भूटान के जलविद्युत उत्पादन में 40% की वृद्धि होगी

भूटान में भारत के राजदूत संदीप आर्य ने मंगलवार को 1,020 मेगावाट की पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इससे भूटान के जलविद्युत उत्पादन में 40% की वृद्धि होगी और भारत को इससे बिजली का निर्यात होगा। इससे दोनों देशों की ऊर्जा साझेदारी मजबूत होगी।

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