दुनिया की 40% आबादी और एक तिहाई अर्थव्यवस्था वाला समूह है BRICS, भारत से हैं बड़ी उम्मीदें

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  • Updated Aug 22, 2023, 12:04 PM IST

What Is BRICS: वैश्विक अर्थव्यवस्था में अमेरिका एवं पश्चिमी देशों के दबदबे का मुकाबला करने के लिए साल 2009 में इस समूह का अनौपचारिक रूप से गठन हुआ। इस समूह की शुरुआत करने की प्रक्रिया रूस ने शुरू की। खास बात यह है कि यह समूह संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक अथवा ओपेक की तरह एक औपचारिक बहुपक्षीय संगठन नहीं है।

What Is BRICS: ब्रिक्सब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका जैसे विकसित एवं उभरती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है। दक्षिण अफ्रीका के इस समूह में शामिल होने से पहले इसे BRIC नाम से जाना जाता था। गोल्डमैन सैश के मुख्य अर्थशास्त्री जिम ओ नील ने चार देशों की अर्थव्यवस्था की क्षमताओं को रेखांकित करते हुए पहली बार एक रिसर्च पेपर में BRIC का उल्लेख किया। वैश्विक अर्थव्यवस्था में अमेरिका एवं पश्चिमी देशों के दबदबे का मुकाबला करने के लिए साल 2009 में इस समूह का अनौपचारिक रूप से गठन हुआ। इस समूह की शुरुआत करने की प्रक्रिया रूस ने शुरू की। खास बात यह है कि यह समूह संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक अथवा ओपेक की तरह एक औपचारिक बहुपक्षीय संगठन नहीं है। इस समूह की सलाना बैठक होती है और समूह के देशों के पास बारी-बारी से अध्यक्षता आती है।

Brics Summit

इस बार दक्षिण अफ्रीका में हो रहा ब्रिक्स सम्मेलन।

BRICS का हिस्सा बनना चाहते हैं 40 देश

इस बार समूह की बैठक की अध्यक्षता दक्षिण अफ्रीका कर रहा है। दक्षिण अफ्रीका साल 2020 में इस समूह का हिस्सा बना। इन पांच देशों में दुनिया की करीब 40 फीसदी आबादी रहती है और विश्व के एक तिहाई कारोबार पर इन देशों की हिस्सेदारी है। जियोपॉलिटिक्स के अलावा यह समूह आपसी आर्थिक सहयोग एवं बहुपक्षीय कारोबार एवं विकास बढ़ाने पर जोर देता है। आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए BRICS कई पहल कर चुका है। खास बात यह भी है कि ब्रिक्स के सभी सदस्य देश जी-20 समूह का भी हिस्सा हैं। ईरान, सऊदी अरब, यूएई, अर्जेंटीना, अल्जीरिया, इंडोनेशिया सहित 40 से अधिक देश BRICS में शामिल होने की इच्छा जता चुके हैं।

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