पुरी यात्रा: स्क्रू जैक की मदद से भारी-भरकम रथ को बढ़ाया जाता है आगे, रेलवे के 40 इंजीनियरों की टीम करती है काम

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated May 22, 2023, 04:44 PM IST

रेलवे की 40 सदस्यीय टीम में तकनीशियन, एक मैकेनिकल इंजीनियर, एक सीनियर सेक्शन इंजीनियर और दो सहायक सेक्शन इंजीनियर शामिल होते हैं।

Jagannath Rath Yatra: भारतीय रेलवे (Indian Railways) को भारत की जीवन रेखा कहा जाता है। यह रोजाना 1.3 करोड़ से अधिक यात्रियों को ले जाती है। लेकिन कम ही लोग ओडिशा के लोकप्रिय जगन्नाथ रथ यात्रा उत्सव के दौरान रथों के सुचारू संचालन में इसकी दशकों पुरानी भूमिका के बारे में जानते हैं। 1964 से रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग और ईस्ट कोस्ट रेलवे के कर्मचारी विशेष स्क्रू जैक का इस्तेमाल कर यात्रा के तीन रथों को जुलूस मार्ग पर लाइन में लगाने और शिफ्ट करने में शामिल रहे हैं।

puri rath yatra

ईस्ट कोस्ट रेलवे के 40 इंजीनियरों की टीम का योगदान

जुलूस के दौरान तीन हिंदू देवी-देवताओं जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को पुरी के जगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर तक और वापस मंदिर तक विशाल सजे हुए रथों में खींचा जाता है। ईस्ट कोस्ट रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, लगभग 40 इंजीनियरों की एक टीम तीनों रथों को एक लाइन में खींचने और उनके रास्ते में आने वाली किसी भी बाधा को हटाने के लिए जुलूस में शामिल होती है। ये टीम निरीक्षण, संरेखण, इसकी स्थिति और रथों के बीच सही अंतर बनाए रखने के लिए भी जिम्मेदार होते हैं।

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