Asim Munir Cyber War Plan: भारत के खिलाफ साजिशें रचने का पाकिस्तान एक भी मौका नहीं छोड़ता। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के हाथों मिली करारी हार के बाद खुद को फील्ड मार्शल घोषित करवा चुके आसिम मुनीर की नजर अब पूर्वोत्तर भारत में साइबर वॉर के जरिए गड़बड़ी फैलाने की है। इसमें सेना का साथ पाकिस्तान मुस्लिम लीग भी दे रही है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इसी पार्टी से हैं। शहबाज और मुनीर की मिलीभगत से पूर्वोत्तर को लेकर खूब प्रोपेगेंड फैलाने की कोशिश हो रही है। ये अलग बात है कि मुनीर को इसमें कोई कामयाबी हाथ नहीं लगती दिख रही।
क्या है आसिम मुनीर का नया प्लान? (AI Image)
नेतराम डिफेंस रिव्यू (Netram Defence Review) ने सिलसिलेवार एक्स पर पोस्ट करके मुनीर और शहबाज के नापाक इरादों का खुलासा किया है।
यह एक प्रमुख रक्षा विश्लेषण और सुरक्षा संबंधी मंच है जो रक्षा रणनीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर समीक्षा, शोध और विश्लेषण प्रदान करता है। इसने मुनीर के मंसूबों को लेकर क्या-क्या खुलासे किए हैं, इसे विस्तार से जानते हैं।
मुनीर का इंफोर्मेशन वॉर का मंसूबा
नेतराम डिफेंस रिव्यू में कहा है- हमने पाकिस्तान स्थित एक सूचना युद्ध शाखा का तीन महीने तक अध्ययन किया। इस अभियान की शुरुआत अगस्त 2025 में हुई, जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने कहा कि हम भारत के पूर्वी मोर्चे से शुरुआत करेंगे। यह पाकिस्तान के पश्चिमी मोर्चे पर केंद्रित रुख से हटकर भारत के पूर्वोत्तर में मौजूद कमजोरियों का फायदा उठाने की ओर एक महत्वपूर्ण मोड़ था।
बद्री 313 साइबर ब्रिगेड (BCB) के जरिए सूचना युद्ध
इस बयान के चार महीने बाद जनवरी 2026 में बद्री 313 साइबर ब्रिगेड (बीसीबी) (Badri 313 Cyber Brigade (BCB) की औपचारिक रूप से शुरुआत की गई। पाकिस्तान सेना और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएलएन) के संयुक्त निर्देशन में संचालित यह ब्रिगेड एक हाइब्रिड नागरिक-सैन्य सूचना युद्ध यूनिट के रूप में कार्य करती है।
5000 साइबर योद्धाओं की भर्ती
इमरान शाहीन और चौधरी अदनान सियालवी सहित पीएमएलएन के सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर्स ने 5000 साइबर योद्धाओं की भर्ती के लिए एक सार्वजनिक अभियान शुरू किया। इसमें शामिल होने के लिए जरूरी शर्तों में पाकिस्तानी मुस्लिम होना और रोजाना 30 मिनट इस कार्य के लिए समर्पित करना शामिल था।
यह संगठन 'बद्री साइबरफोर्स' हैंडल के जरिए X पर अपनी सार्वजनिक मौजूदगी बनाए रखता है, जबकि ऑपरेशनल कार्यों का कोऑर्डिनेशन एक निजी व्हाट्सएप चैनल के जरिए से किया जाता है। उनके आंतरिक उद्देश्यों में वैधता हासिल करने के लिए "पाकिस्तान विरोधी" सामग्री का बड़े पैमाने पर प्रसार करना और पांचवीं और छठी पीढ़ी की युद्ध रणनीति अपनाना शामिल है।
मणिपुर और भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र पर नजर
बीसीबी के शुरुआती आक्रामक अभियान मणिपुर और भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र पर केंद्रित हैं। इस नेटवर्क का एक प्रमुख केंद्र @ManipurPost5 था, जो पीएमएलएन की टीम डिजिटल क्रिएटर्स के सदस्य मीर अब्दुल वसाए द्वारा संचालित एक खाता था। यह खाता सक्रिय रूप से समय के साथ संदर्भ को तोड़-मरोड़ कर पेश करता था, पुराने विद्रोही फुटेज का इस्तेमाल करके मणिपुर में मौजूदा हिंसा को गलत तरीके से चित्रित करता था।
फर्जी भारतीय पहचान वाले फर्जी खातों का इस्तेमाल
विश्वसनीयता को बढ़ाने के लिए, बीसीबी फर्जी भारतीय पहचान वाले फर्जी खातों का इस्तेमाल करता है। जैसे @sen74410 (अब निलंबित), जो "इरेमा सेन" के रूप में संचालित होता था। इसमें सरकार विरोधी और सशस्त्र बलों विरोधी सामग्री पोस्ट की जाती थी। इसे भारतीय कांग्रेस आईटी सेल, पाकिस्तानी हैंडल और खालिस्तानी खातों के एक नेटवर्क द्वारा व्यवस्थित रूप से प्रसारित किया जाता था।
इसी तरह @_VoNEI (अब निलंबित) कर दिया गया है और जो @Vnorth__के रूप में संचालित होता है) ने खुद को स्थानीय नागरिक समाज के आलोचक के रूप में पेश किया, लेकिन यह माना गया कि यह पाकिस्तान से संचालित हो रहा था। इसने विशेष रूप से अल्पसंख्यक उत्पीड़न के आरोपों को हवा देना था, जिसका उद्देश्य सांप्रदायिक तनाव को भड़काना और पाकिस्तानी रणनीतिक संदेशों को शामिल करना था।
यह शाखा रक्षात्मक सूचना युद्ध भी चलाती है। बीसीबी की पहचान इससे भी है कि वह बलूचिस्तान की आजादी से संबंधित सामग्री की पहचान करके उसे दबाती रही है। वह बलूच लोगों की दुर्दशा के प्रति सहानुभूति रखने वाले खातों को सक्रिय रूप से निशाना बना रही है। @bahott_baloch (एक बलूच कार्यकर्ता और पत्रकार) के खिलाफ उनके अभियान की आंतरिक रिपोर्ट मिली है।
नए-नए खातों से दुष्प्रचार
बीसीबी दुष्प्रचार के दूसरे चरण को और भी तीव्र करने की तैयारी कर रही है। हाल ही में नए खाते बनाए गए हैं, जिनमें @MANIPURTI
(अब निलंबित@MANIPURTIM42847), @FreeManipur_ और @TheNewManipur शामिल हैं। ये खाते फिलहाल सक्रिय प्रचार प्रसार में जाने से पहले फॉलोअर्स जुटाने के लिए शुरुआती चरण में हैं।
कुल मिलाकर, पाकिस्तान भारत के पूर्वोत्तर में अस्थिरता पैदा करने के लिए सक्रिय रूप से आधार तैयार कर रहा है। फर्जी कहानियां फैलाकर, पुराने फुटेज दिखाकर और फर्जी खबरें गढ़कर, पाकिस्तान का इरादा सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा देना है। यह निरंतर दुष्प्रचार अभियान भारत के एक संवेदनशील क्षेत्र को निशाना बनाने वाली व्यापक हाइब्रिड युद्ध रणनीति का शुरुआती चरण है। भारत को इससे सावधान रहना होगा।
