अब नहीं मिलेगी 'तारीख पे तारीख', नए अपराधिक कानूनों से क्या-क्या बदलेगा? अमित शाह ने बताया सबकुछ

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 21, 2023, 12:17 AM IST

HM Amit Shah On New Criminal Laws : लोकसभा में अमित शाह ने कहा है कि नए अपराधिक कानूनों से 'मानव केंद्रित' न्याय प्रणाली बनेगी, 'तारीख पे तारीख' नहीं मिलेगी। उन्होंने बोला कि गुलामी की मानसिकता मिटाने को सरकार प्रतिबद्ध, आपराधिक न्याय प्रणाली में आमूलचूल बदलाव किया जा रहा है।

Criminal Laws News: लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि तीन आपराधिक कानूनों के स्थानों पर लाए गए विधेयक मानव केंद्रित न्याय प्रणाली सुनिश्चित करेंगे तथा अब लोगों को ‘तारीख पे तारीख’ नहीं मिलेगी। शाह ने भारतीय न्याय (द्वितीय) संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा (द्वितीय) संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य (द्वितीय) विधेयक 2023 पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए यह भी कहा कि ‘व्यक्ति की स्वतत्रंता, मानव के अधिकार और सबके साथ समान व्यवहार’ रूपी तीन सिद्धांत के आधार पर ये प्रस्तावित कानून लाए गए हैं। गृह मंत्री के जवाब के बाद सदन ने तीनों विधेयकों को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी।

Amit Shah New Criminal Laws

नए कानूनों में क्या-क्या बदल जाएगा?

तीनों आपराधिक कानून पर क्या बोले अमित शाह?

गृह मंत्री का कहना था कि आपराधिक न्याय प्रणाली में आमूल-चूल बदलाव किया जा रहा है जो भारत की जनता का हित करने वाले हैं। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुलामी की मानसिकता को मिटाने की दिशा में काम किया है। प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से कहा था कि औपनिवेशिक कानून से मुक्ति मिलनी चाहिए और इसी के तहत गृह मंत्रालय ने कानूनों को बदलने की दिशा में काम करना आरंभ किया।' उनका कहना था, 'पहले के कानूनों के तहत ब्रिटिश राज की सलामती प्राथमिकता थी, अब मानव सुरक्षा, देश की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।' शाह ने कहा, 'इस ऐतिहासिक सदन में करीब 150 साल पुराने तीन कानून, जिनसे हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली चलती है, उन तीनों कानूनों में पहली बार मोदी जी के नेतृत्व में भारतीयता, भारतीय संविधान और भारत की जनता की चिंता करने वाले बहुत आमूल-चूल परिवर्तन लेकर मैं आया हूं।'

End of Feed