Congress Plan for Assembly Elections: महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और जम्मू कश्मीर में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी उठापटक का दौर तेज हो चुका है, हर कोई अपनी ताकत झोंकने में जुटा हुआ है। इसी कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पार्टी की चुनावी रणनीतियां तैयार करने के लिए अपनी कमर कस ली है। बैठकों और मंथन का दौर जारी है, तो वहीं ये सवाल उठ रहा है कि लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों में 10 साल बाद थोड़ा बेहतर प्रदर्शन करने के बाद अब कांग्रेस विधानसभा चुनाव में किन मुद्दों के साथ मैदान में उतरेगी?
विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का तीन प्रमुख प्लान।
किस राज्य के लिए कौन सा समीकरण बनाया?
महाराष्ट्र और झारखंड में कांग्रेस की चुनावी रणनीति समझने में थोड़ी उलझन हो सकती है। क्योंकि महाराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी सूबे के विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी का घटक दल है। जबकि झारखंड में भी वो विपक्षी दलों के महागठबंधन का हिस्सा है। दोनों ही राज्यों में उन पार्टियों के बीच समझौता है, जो विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल इंक्लूजिव अलायंस (INDIA) में शामिल हैं। ऐसे में कांग्रेस को महाराष्ट्र और झारखंड में गठबंधन में बंधकर काम करना होगा। जबकि हरियाणा में उसके सामने खुला मैदान होगा, इस राज्य में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ेंगी। वहीं जम्मू कश्मीर का जिक्र करें तो इस राज्य में कांग्रेस का झुकाव किस पार्टी की ओर होगा, गठबंधन में कौन-कौन हो सकता है, इसकी तस्वीर फिलहाल समझ के बाहर है। अब आपको समझाते हैं कि कांग्रेस किन मुद्दों पर चुनाव लड़ सकती है।
कांग्रेस ने महाराष्ट्र के लिए बनाया ये खास प्लान।
1). जातीय जनगणना कराने का वादा
हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव के नतीजों में देखने को मिला है कि कैसे विपक्षी दलों ने एक सुर में इस मुद्दे को तूल दिया और ये वादा किया कि यदि वो सत्ता में आएंगे तो जातीय जनगणना कराएंगे। जिसका लाभ INDIA गठबंधन को मिलता दिखा, उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए विपक्ष ने सभी को हैरान कर दिया। चुनाव में राहुल गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव समेत कई दिग्गज नेताओं ने जाति आधारित राजनीति पर खूब जोर दिया। ऐसे में महाराष्ट्र में फिलहाल मराठा आरक्षण का मुद्दा गरमाया हुआ है, ऐसे में हथौड़ा मारने का सबसे सही समय तभी होता है, जब लोहा गरम होता है। वहीं झारखंड और हरियाणा में भी जातीय जनगणना का मुद्दा असरदार साबित हो सकता है। ऐसे में कांग्रेस इस मुद्दे पर लोगों को आकर्षित करने की कोशिश कर सकती है।
2). महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दे
विपक्षी गठबंधन INDIA में शामिल पार्टियों और उनके नेताओं ने बेरोजगारी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया, इसका असर भी देखने को मिला। राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा और भारत जोड़ो न्याय यात्रा में भी युवाओं से संवाद किया, उन्हें इस बार का भरोसा दिलाया कि वो सत्ता में आएंगे तो बेरोजगारी की समस्या का उचित समाधान करेंगे। शायद यही वजह है कि कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में पहले की तुलना में इस बार बेहतर परफॉर्म किया। महंगाई के मुद्दे पर भी कांग्रेस लगातार मोदी सरकार और भाजपा को घेरती आई है। ये ऐसे मुद्दे हैं, जिसके दम पर कांग्रेस लगातार लोगों को अपनी ओर लाने का प्रयास करती रही है, ऐसे में विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के लिए ये मुद्दा असरदार हो सकता है।
चुनाव के लिए क्या है कांग्रेस का प्लान?
3). मोहब्बत की दुकान पर देंगे जोर
हाल ही में राहुल गांधी का वीडियो आया था, जब वो वायनाड दौरे पर जाते समय एक मोची की दुकान पर रुकते हैं, वहां बैठते हैं और उससे बात करते हैं। इन दिनों राहुल गांधी अक्सर ऐसी एक्टिविटीज पर जोर दे रहे हैं, जिसके जरिये लोगों की भावनाओं से वो खुद जुड़ सके। भारत जोड़ो यात्रा और भारत जोड़ो न्याय यात्रा में राहुल गांधी ने मोहब्बत की दुकान का खूब जिक्र किया। लोगों को गले लगाया, उनके आंसू पोछे और तो और वो कभी ट्रक चालकों के पास पहुंचे तो कभी मैकेनिक के पास, कभी कुली का पास पहुंचकर उनकी समस्याओं को जानने की कोशिश की। ये एक बड़ी वजह थी, जिससे राहुल ने अपनी छवि को पहले से और बेहतर की। इन चार राज्यों में भी राहुल विधानसभा चुनाव के वक्त फिर से मोहब्बत की दुकान का जिक्र करते नजर आएंगे और लोगों का दिल जीतने की कोशिश करेंगे।
विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर मंथन
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उन चार राज्यों के प्रभारियों और स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों के साथ तैयारियों तथा उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया को लेकर चर्चा की जहां इस साल विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। पार्टी मुख्यालय में हुई इस बैठक में कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल, महाराष्ट्र के प्रभारी रमेश चेन्नीथला, झारखंड के प्रभारी गुलाम अहमद मीर, हरियाणा के प्रभारी दीपक बाबरिया और जम्मू-कश्मीर के प्रभारी भरत सिंह सोलंकी तथा स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य मौजूद थे।
विधानसभा चुनाव के लिए क्या है कांग्रेस का प्लान?
कांग्रेस का मानना है कि वो आगामी दौर के चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। इसी को देखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय में चार चुनावी राज्यों के महासचिवों, प्रभारियों और स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि भाजपा और उसके सहयोगियों के खिलाफ स्पष्ट गुस्सा है जो उन्हें जीत दिलाने में मददगार साबित होगा। जम्मू-कश्मीर के लिए कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक अगले तीन-चार दिनों में होगी। कांग्रेस ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में गठबंधन के लिए पार्टी तैयार है और इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता से बाहर करना है।
हरियाणा में एक अक्टूबर और जम्मू-कश्मीर में 18 सितंबर, 25 सितंबर और एक अक्टूबर को मतदान होना है। मतगणना चार अक्टूबर को होनी है। महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनाव की तिथियां अभी घोषित नहीं की गई हैं।
