Sara Ali Khan Kedarnath Visit Controversy: बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान (Sara Ali Khan) एक बार फिर धार्मिक यात्रा को लेकर चर्चा में आ गई हैं। भगवान शिव के प्रति सारा अली खान की गहरी आस्था है और वो हाल ही में केदारनाथ धाम पहुंचीं। उनकी इस आध्यात्मिक यात्रा के बाद इंटरनेट पर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हालिया रिपोर्ट्स की मानें तो उत्तर प्रदेश के एक मुस्लिम धर्मगुरु ने सारा अली खान के मंदिर दर्शन पर आपत्ति जताते हुए उनके खिलाफ फतवा जारी किया है। इतना ही नहीं उन्होंने सारा अली खान से अल्लाह से तौबा करने की मांग भी की है। (टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें: Udta Teer Box office: आयुष्मान-सारा की फिल्म ने पूरा किया एक हफ्ता, कमाए इतने करोड़)
केदारनाथ दर्शन के बाद क्यों विवादों में आईं सारा अली खान (Pic Credit: Instagram)
केदारनाथ दर्शन के बाद क्यों विवादों में आईं सारा अली खान?
सारा अली खान अपनी पहली फिल्म 'केदारनाथ' के बाद से ही भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। एक्ट्रेस अक्सर केदारनाथ धाम जाती हैं। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार 25 अक्टूबर को भी सारा केदारनाथ पहुंची थीं। सारा अली खान को लेकर एक नया विवाद शुरू हो गया है। Bhaskar English की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सारा अली खान के मंदिर जाने पर नाराजगी जाहिर की है। (टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें: Sir Patrick Stewart का 86 साल की उम्र में हुआ निधन, गहरे सदमे में हैं फैन्स)
मौलाना ने सारा अली खान के खिलाफ जारी किया फतवा?
रिपोर्ट के अनुसार मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी का कहना है कि इस्लामिक शरीयत के मुताबिक किसी दूसरे धर्म की धार्मिक परंपराओं में शामिल होना या मंदिर में पूजा करना सही नहीं है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि इस्लाम में शिर्क की इजाजत नहीं है। इस्लाम में किसी मुस्लिम महिला या पुरुष को दूसरे धर्म की पूजा करने की अनुमति नहीं दी गई है। मौलाना ने सारा के मंदिर में पूजा करने को हराम और नाजायज बताया।
इसके अलावा उन्होंने एक्ट्रेस से अल्लाह से माफी मांगने और तौबा करने की बात भी कही। हालांकि इस मामले में सारा अली खान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। साल 2024 में Galatta India के साथ बातचीत के दौरान सारा ने अपने धार्मिक विश्वासों और खान-पान से जुड़े फैसलों को निजी बताया था।
