Kangana Ranaut on Bollywood: बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत (Kangana Ranaut) अक्सर अपने बेबाक बयानों को लेकर चर्चा में रहती हैं। अब उन्होंने एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री के एक मुद्दे पर अपनी राय रखी है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है। इस बार कंगना ने बॉलीवुड के पाकिस्तान को लेकर कथित लगाव पर सवाल उठाया है। उनका ये बयान ऐसे समय में आया है, जब देश के बंटवारे की कहानी पर बनी एक बड़ी फिल्म रिलीज के लिए तैयार है। कंगना रनौत के इस बयान के बाद सनी देओल (Sunny Deol) की फिल्म बंटवारा 1947 (Batwara 1947) फिर से चर्चा में आ गई है।
कंगना रनौत ने दिया ये बयान (Image Source: AI)
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कंगना रनौत ने दिया ये बयान
एक्ट्रेस कंगना रनौत एक बार फिर से खबरों में आ गई है। इसकी वजह कंगना रनौत का अभी हाल ही में दिया एक बयान है। ANI से बात करते हुए कंगना रनौत ने इंडिया-पाकिस्तान फिल्मों पर तंज कसते हुए कहा कि बॉलीवुड के फिल्ममेकर्स को अपने पड़ोसी देश के प्रति प्यार का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, 'चाहे उनकी फिल्में हों, बयान हों या इंटरव्यू, पाकिस्तान के साथ ये लव अफेयर कब खत्म होगा? लगता है ये लोग हमेशा पाकिस्तान के दीवाने बने रहते हैं। मुझे ये जानना है कि बंटवारे को इतने साल हो गए, फिर भी ये लव स्टोरी खत्म क्यों नहीं होती? बॉलीवुड की पाकिस्तान के साथ ये प्रेम कहानी आखिर कब खत्म होगी? इसका जवाब इन्हें देना चाहिए।' उनके ये बयान फिल्म बंटवारा 1947 के रिलीज से ठीक पहले आया है। आमिर खान की बैंकिंग वाली ये फिल्म बंटवारे पर आधारित है। इसमें सनी देओल, प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, अली फजल समेत कई स्टार्स हैं और ये इस शुक्रवार 14 अगस्त को थिएटर्स में रिलीज होने वाली है।
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कंगना ने बॉलीवुड सेलेब्स की चुप्पी पर कहा
कंगना रनौत ने कहा, 'ये कोई नया मुद्दा नहीं है। फिल्म इंडस्ट्री का रवैया हमेशा से ऐसा ही रहा है। आपने संसद पर हमला देखा। मेरे कई सांसद दोस्त हैं जिनकी गाड़ियों पर चढ़ गए थे, खिड़कियां तोड़ दी थीं। ये सब जानते हैं, कोई राज नहीं है।' उन्होंने दावा किया कि उनके घर के बाहर हजारों लोग जमा हो गए थे, कुछ लोग गेट पर भी चढ़ गए थे। पुलिस की भारी तैनाती के बावजूद रात में सोना मुश्किल हो गया था। 'फिर भी जब वो हालात थे, तब ये लोग मगरमच्छ के आंसू बहा रहे थे, अब झारखंड में बच्चों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर क्या ये लोग जेन-Z नहीं हैं? फिल्म इंडस्ट्री का ये पाखंड नहीं चलेगा। जंतर मंतर के प्रदर्शन पर मगरमच्छ के आंसू बहाने वाले फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को अब झारखंड के बच्चों के लिए भी वही आंसू बहाने चाहिए।'
