Helicopter Search Controversy: चुनावी मौसम में इन दिनों कांग्रेस और निर्वाचन आयोग के बीच जुबानी वार-पलटवार का दौर चल रहा है। अभी मल्लिकार्जुन खड़गे की चिट्ठी पर आयोग का जवाब आया ही था कि कांग्रेस अध्यक्ष ने एक नए मुद्दे को तूल दे दिया। जिसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय को जवाब देना पड़ा। आपको बताते हैं कि हेलीकॉप्टर की तलाशी लेने वाला विवाद क्या है।
कांग्रेस के आरोपों का निर्वाचन आयोग ने दिया जवाब।
कांग्रेस अध्यक्ष ने निर्वाचन आयोग पर लगाया आरोप
ये सारा विवाद उस वक्त शुरू हुआ, जब कांग्रेस ने भारतीय निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगा दिया और कहा कि चुनाव अधिकारी विपक्षी दलों के नेताओं को निशाना बना रहे हैं। पार्टी की ओर से ये दावा किया गया कि 'बिहार के समस्तीपुर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हेलीकॉप्टर की तलाशी ली गई, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं को "स्वतंत्र रूप से" घूमने की इजाजत दी जा रही है।' कांग्रस के इसी आरोप के बाद से विवाद ने तूल पकड़ लिया। नतीजा ये हुआ कि खुद बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय को इस मामले में कूदना पड़ गया।
'शाह और नड्डा के हेलीकॉप्टर की भी ली गई तलाशी'
इस विवाद को बढ़ता देख, बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया है। ये जानकारी साझा की गई कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हेलीकॉप्टर की जांच को एक 'नियमित प्रक्रिया' है, उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष जे पी नड्डा के हेलीकॉप्टर की भी तलाशी ली गई थी।
आयोग ने कांग्रेस के आरोपों को कर दिया खारिज
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने साथ ही उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि खड़गे के हेलीकॉप्टर की जांच विपक्ष को निशाना बनाने का एक तरीका था। दरअसल हुआ यूं कि खड़गे ने शनिवार को बिहार में कुछ चुनावी रैलियों को संबोधित किया था और समस्तीपुर में अधिकारियों ने उनके हेलीकॉप्टर की जांच की थी, जिसका कांग्रेस के सहयोगी दलों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध किया था।
पार्टी का नाम लिए बिना आयोग ने दिया जवाब
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, 'यह आरोप कि केवल एक राष्ट्रीय पार्टी के नेता के हेलीकॉप्टर की जांच की गई, निराधार है।' उन्होंने पोस्ट में खड़गे या कांग्रेस का नाम नहीं लिया, लेकिन बताया कि शाह और नड्डा के हेलीकॉप्टर की भी इसी तरह जांच की गई थी जब वे पिछले महीने बिहार में थे।
कैसे शुरू हुआ था विवाद, जानें सारी घटनाक्रम
कांग्रेस नेता राजेश राठौड़ ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक वीडियो पोस्ट किया और ये दावा किया कि 'केरल में राहुल गांधी के हेलीकॉप्टर की तलाशी ली गई और अब बिहार के समस्तीपुर में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हेलीकॉप्टर की तलाशी ली गई है।' पार्टी की बिहार इकाई के मुख्य प्रवक्ता राठौड़ ने कहा कि बिहार की मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने खुद समस्तीपुर में खड़गे के हेलीकॉप्टर की तलाशी ली। वीडियो में एक हेलीकॉप्टर के चारों ओर पुलिसकर्मी और अधिकारी दिखाई देते हैं।
राठौड़ ने अपने वीडियो संदेश में कहा, 'निर्वाचन आयोग को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या कांग्रेस नेताओं के हेलीकॉप्टरों की ऐसी जांच नियमित है और अगर नियमित है तो क्या राजग के शीर्ष नेताओं की भी इसी तरह की जांच की गई है।' उन्होंने कहा, 'निर्वाचन आयोग को ऐसी सभी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, अन्यथा यह माना जाएगा कि चुनाव निकाय केवल विपक्षी नेताओं को निशाना बना रहा है और राजग के नेताओं को खुला घूमने दे रहा है।' कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि निर्वाचन आयोग को उन सभी नेताओं के वीडियो सामने लाने चाहिए जिनकी जांच की गई है।
