Adhir Ranjan Chowdhury: पांच बार के सांसद और निवर्तमान लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। उनके निर्वाचन क्षेत्र बरहामपुर में आज मतदान हो रहा है। चौधरी का मुकाबला क्रिकेटर और टीएमसी उम्मीदवार यूसुफ पठान के साथ-साथ भाजपा के निर्मल कुमार साहा से है। सोमवार को कांग्रेस सांसद एक पोलिंग बूथ पर स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। पत्रकारों से बात करते हुए अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि उनका मुकाबला बीजेपी से है और तृणमूल ने बेवजह युसुफ पठान को बरहामपुर से उम्मीदवार बनाया है।
अधीर रंजन
अधीर बोले, अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हूं
अधीर रंजन चौधरी ने कहा, मैं जीतने जा रहा हूं और इसमें कोई संदेह नहीं है। मैं आश्वस्त हूं। लगभग 4-5 स्थानों पर कुछ छिटपुट घटनाएं हुई हैं। हम शिकायत भी दर्ज करने जा रहे हैं। मैं बीजेपी और टीएमसी से मुकाबला कर रहा हूं, किसी व्यक्ति विशेष के साथ नहीं। टीएमसी को यहां से युसूफ पठान को उम्मीदवार नहीं बनाना चाहिए था, उन्हें बेवजह यहां से उम्मीदवार बनाया गया है।
लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के लिए नौ राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के 96 संसदीय क्षेत्रों में मतदान सोमवार सुबह सात बजे शुरू हो गया। चौधरी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में निर्वाचन क्षेत्र से टीएमसी की अपूर्बा सरकार को 80,696 वोटों के अंतर से हराया था।
टीएमसी अकेले चुनाव मैदान में
हालांकि टीएमसी अभी भी इंडिया गुट का हिस्सा है, लेकिन टीएमसी ने बंगाल में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया और राज्य की सभी 42 लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की है। राज्य में कांग्रेस और वाम मोर्चा के बीच सीट-बंटवारे पर समझौता हुआ है जिसके तहत वाम दल 30 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं और कांग्रेस बाकी 12 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
2019 में भाजपा को मिली जबरदस्त सफलता
2014 के लोकसभा चुनावों में टीएमसी ने राज्य में 34 सीटें हासिल की थीं, जबकि भाजपा को सिर्फ 2 सीटों से संतोष करना पड़ा था। सीपीआई (एम) और कांग्रेस ने दो और चार सीटें जीतीं। लेकिन भाजपा ने 2019 के चुनावों में 18 सीटें जीतकर सत्तारूढ़ टीएमसी को जबरदस्त झटका दिया। राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी की सीटें घटकर 22 रह गईं। कांग्रेस केवल दो सीटों के साथ तीसरे स्थान पर रही, जबकि वाम मोर्चा सिर्फ एक सीट पर सिमट गया।
