West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस, मुख्य विपक्षी दल भाजपा के बीच अहम मुकाबला देखा जा सकता है इस बीच, 'टाइम्स नाउ नवभारत' की 'पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव' को लेकर 'बंगाल यात्रा' जारी है। ऐसे में कार्यक्रम के मद्देनजर 'एंकर श्वेता भट्टाचार्य' राजनीतिक दलों की नस टटोलने के लिए बर्धमान पहुंची हैं ग्राउंड रिपोर्ट में देखते हैं कि यहां की जनता के मन में चल क्या रहा है।
बंगाल की धान मंडी कहे जाने वाले वर्धमान में 'बंगाल यात्रा' पहुंची
बंगाल की धान मंडी कहे जाने वाले बर्धमान' में आज 'बंगाल यात्रा' पहुंची है। जिसका नाम 'बर्धमान' 24वें जैन तीर्थकर महावीर स्वामी के नाम पर पड़ा। बर्धमान अपनी पुरानी ऐतिहासिक इमारतों सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है। साल 2017 की बात करें तो बर्धमान को दो जिलों में विभाजित किया गया। पूर्व बर्धमान जो कि प्रशासनिक मुख्यालय है। पश्चिम वर्धमान जो औद्योगिक क्षेत्र है। तो चलिए आज बंगाल के राइस बोल्ट की सैर करते हैं और देखते हैं यहां जनता का मूड क्या है।
यहां देखें पूरी रिपोर्ट-
2021 में बर्धमान दक्षिण से खोकन दास विधायक चुने गए
बता दें कि पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले में बर्धमान दक्षिण (260) और बर्धमान उत्तर (266 - SC) दो प्रमुख विधानसभा क्षेत्र हैं। 2021 के चुनावों में, बर्धमान दक्षिण से खोकन दास (AITC) विधायक चुने गए। ये दोनों क्षेत्र बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा हैं और शहरी-ग्रामीण मिश्रण के साथ महत्वपूर्ण राजनीतिक केंद्र हैं।
बर्धमान में अधिकांश वर्षों में चुनाव बहुकोणीय थे
सीपीआई (एम) के निरुपम सेन ने 2006 और 2001 के विधानसभा चुनावों में बर्धमान दक्षिण विधानसभा सीट जीती, जिसमें उन्होंने क्रमशः तृणमूल कांग्रेस के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी समीर कुमार रॉय और परेश चंद्र सरकार को हराया अधिकांश वर्षों में चुनाव बहुकोणीय थे।
बंगाल में वोटिंग कब होगी?
बता दें कि चुनाव आयोग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में चुनाव संपन्न होंगे। पहले चरण की 152 सीटों के लिए 23 अप्रैल को, जबकि 142 सीटों के लिए 29 अप्रैल को मतदान होगा। वहीं, वोटों की गिनती 4 मई को होगी।
